भड़याल
नवगठित टिक्कर कलां पंचायत में इस बार पंचायत चुनाव एक बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है। बैंकिंग क्षेत्र में लंबा अनुभव रखने वाले सेवानिवृत्त बैंक प्रबंधक सुरेश शर्मा ने अब पंचायत की राजनीति में कदम रखा है।
प्रधान पद के प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरे सुरेश शर्मा ने पंचायत के विकास के लिए व्यक्तिगत स्तर पर 20 लाख रुपये खर्च करने की ऐतिहासिक घोषणा कर चुनावी माहौल में खलबली मचा दी है। सात मई को उन्होंने अपने करीब 100 समर्थकों के साथ भड़याल पंचायत घर पहुंचकर नामांकन दाखिल किया, जहाँ उनके जनसमर्थन को देख अन्य पंचायतों के लोग भी दंग रह गए।
निजी संपत्ति और वेतन से विकास का संकल्प
सुरेश शर्मा ने नई पंचायत को मजबूत आधार देने के लिए एक अनूठी पहल की है। उन्होंने ऐलान किया कि वह पंचायत के विकास कार्यों के लिए अपनी ओर से 10 लाख रुपये की शुरुआती राशि उपलब्ध करवाएंगे।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने मिसाल पेश करते हुए कहा कि प्रधान के रूप में मिलने वाले मासिक वेतन को वह निजी उपयोग में नहीं लेंगे, बल्कि उतनी ही राशि अपनी ओर से जोड़कर हर महीने कम से कम 15 हजार रुपये पंचायत कार्यों पर खर्च करेंगे। इस प्रकार पांच वर्षों में लगभग 10 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि सीधे जनता के हित में लगाई जाएगी।
पंचायत भवन के लिए भूमि दान की घोषणा
पंचायत की बुनियादी सुविधाओं को लेकर सुरेश शर्मा का विजन काफी स्पष्ट है। उन्होंने घोषणा की है कि यदि नवगठित पंचायत के भवन निर्माण के लिए उपयुक्त सरकारी भूमि उपलब्ध नहीं हो पाती है, तो वह सड़क किनारे स्थित अपनी निजी भूमि में से आवश्यक हिस्सा पंचायत को दान करेंगे।
उनकी इस घोषणा का स्थानीय महिला मंडलों की प्रधानों—मीनू व गीता देवी—और युवक मंडल के प्रधान यशपाल ने स्वागत किया है। ये सभी संगठन अब पंचायत को निर्विरोध बनाने की दिशा में सक्रिय प्रयास कर रहे हैं।
निर्विरोध पंचायत बनाने की मुहिम तेज
क्षेत्र के प्रबुद्ध वर्ग और बुद्धिजीवियों ने भी सुरेश शर्मा की सामाजिक छवि और पत्रकारिता के अनुभव को देखते हुए उन्हें निर्विरोध प्रधान चुनने की मांग उठाई है। स्थानीय निवासियों का मानना है कि यदि पंचायत निर्विरोध चुनी जाती है, तो सरकार की ओर से मिलने वाली 25 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि सीधे विकास कार्यों में खर्च की जा
सकेगी। सुरेश शर्मा ने कहा कि जीवनभर परिवार के लिए कार्य करने के बाद अब वह अपनी शेष ऊर्जा समाज सेवा और पंचायत को एक आदर्श मॉडल बनाने में लगाना चाहते हैं।