घर से मिला सुसाइड नोट, 'मेंटल प्रेशर और सर्विस डिप्रेशन' को बताया वजह; परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

घर से मिला सुसाइड नोट, 'मेंटल प्रेशर और सर्विस डिप्रेशन' को बताया वजह; परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
घर से मिला सुसाइड नोट, 'मेंटल प्रेशर और सर्विस डिप्रेशन' को बताया वजह; परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

Published:

शिमला

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के नगर निगम में डिप्टी कंट्रोलर के पद पर तैनात रामेश्वर सिंह शर्मा की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। पुलिस को मृतक के घर से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें उन्होंने काम के भारी दबाव (Mental Pressure) और सेवा के दौरान होने वाले तनाव (Service Depression) का जिक्र किया है।

इस खुलासे के बाद नगर निगम प्रशासन और कार्यालय के कार्य परिवेश पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

सुसाइड नोट में समय का जिक्र: 10 बजे ऑफिस, 12:31 पर मौत का पैगाम

जांच में सामने आया है कि रामेश्वर सिंह शर्मा शुक्रवार सुबह 10:00 बजे रोजाना की तरह अपने कार्यालय आए थे। लेकिन महज 20 मिनट बाद, यानी 10:20 बजे वे अचानक छुट्टी लेकर घर के लिए निकल गए।

पुलिस को मिले सुसाइड नोट पर दोपहर 12:31 बजे का समय लिखा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट (IGMC) के अनुसार, मौत की वजह रस्सी से फंदा लगाना बताई गई है और उनके शरीर पर किसी भी तरह के संघर्ष या चोट के निशान नहीं पाए गए हैं।

परिजनों का आरोप: "ऑफिस लॉबिंग ने ली जान"

रामेश्वर सिंह की मौत के बाद उनके परिजनों ने भारी रोष व्यक्त किया है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। परिजनों का सीधा आरोप है कि कार्यालय के भीतर कुछ लोग उनके खिलाफ 'लॉबिंग' (गुटबाजी) कर रहे थे, जिससे वे काफी समय से मानसिक रूप से परेशान चल रहे थे।

उन्होंने सवाल उठाया है कि आखिर ऑफिस में ऐसा क्या हुआ कि महज 20 मिनट के भीतर उन्हें छुट्टी लेकर घर जाना पड़ा और आत्मघाती कदम उठाना पड़ा।

पुलिस जांच और आगामी कार्रवाई

पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर उसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। पुलिस अधीक्षक (SP) का कहना है कि सुसाइड नोट में जिन बातों का उल्लेख है, उनकी गहराई से जांच की जा रही है।

कार्यालय के सहयोगियों और वरिष्ठ अधिकारियों से भी पूछताछ की जाएगी ताकि यह स्पष्ट हो सके कि क्या रामेश्वर सिंह शर्मा किसी संगठित दबाव या उत्पीड़न का शिकार थे। फिलहाल, इस घटना के बाद नगर निगम शिमला में शोक और सन्नाटे का माहौल है।

संबंधित खबरें

घवांडल पशु चिकित्सालय में पशु जन्म नियंत्रण शिविर, 15 कुत्तों की सफल नसबंदी

घवांडल पशु चिकित्सालय में पशु जन्म नियंत्रण शिविर, 15 कुत्तों की सफल नसबंदी

पशु चिकित्सालय घवांडल में आयोजित पशु जन्म नियंत्रण शिविर में 15 श्वानों की सफल शल्य चिकित्सा की गई। इनमें 7 मादा और 8 नर कुत्ते शामिल रहे। शिविर का उद्देश्य ...

पूरा पढ़ें (Read More) →
करंट लगने से इकलौते बेटे की मौत, दो महीने बाद भी परिवार की सुध लेने नहीं पहुंचा प्रशासन; चार बहनों और बुजुर्ग माता-पिता का था सहारा

करंट लगने से इकलौते बेटे की मौत, दो महीने बाद भी परिवार की सुध लेने नहीं पहुंचा प्रशासन; चार बहनों और बुजुर्ग माता-पिता का था सहारा

बिलासपुर के श्री नयना देवी जी क्षेत्र के भटेड गांव में करंट लगने से जान गंवाने वाले गुरमेल सिंह के परिवार ने प्रशासन पर सुध न लेने का आरोप लगाया है। परिवार क...

पूरा पढ़ें (Read More) →
13 नवंबर को मंडी में CM सुक्खू के नेतृत्व में निकलेगी एंटी चिट्टा जागरूकता वॉकथॉन, तैयारियों में जुटा प्रशासन

13 नवंबर को मंडी में CM सुक्खू के नेतृत्व में निकलेगी एंटी चिट्टा जागरूकता वॉकथॉन, तैयारियों में जुटा प्रशासन

हिमाचल को चिट्टे के नशे से मुक्त बनाने के उद्देश्य से 13 नवंबर को मंडी में एंटी चिट्टा जागरूकता वॉकथॉन प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू...

पूरा पढ़ें (Read More) →
बीबीएमबी मामले पर विक्रमादित्य सिंह बोले- वीरभद्र सिंह ने शुरू की थी हिमाचल के हक की लड़ाई, चंडीगढ़ में भी जारी रहेगी हिस्सेदारी की मांग

बीबीएमबी मामले पर विक्रमादित्य सिंह बोले- वीरभद्र सिंह ने शुरू की थी हिमाचल के हक की लड़ाई, चंडीगढ़ में भी जारी रहेगी हिस्सेदारी की मांग

लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बीबीएमबी में हिमाचल की हिस्सेदारी को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि इस कानूनी लड़ाई क...

पूरा पढ़ें (Read More) →
BBMB मामले में हिमाचल को बड़ी जीत, हर साल 600 से 1000 करोड़ रुपये का होगा फायदा: हर्षवर्धन चौहान

BBMB मामले में हिमाचल को बड़ी जीत, हर साल 600 से 1000 करोड़ रुपये का होगा फायदा: हर्षवर्धन चौहान

उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने BBMB मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को हिमाचल की बड़ी जीत बताया है। उनके अनुसार प्रदेश को 11,975 मिलियन यूनिट बिजली की बका...

पूरा पढ़ें (Read More) →

इससे पहले और बाद की खबरें