बिलासपुर
आगामी पंचायत चुनावों को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न करवाने के लिए प्रशासनिक मशीनरी पूरी तरह सक्रिय हो गई है। इसी कड़ी में खंड विकास कार्यालय घुमारवीं में खंड विकास अधिकारी (BDO) अभिषेक शर्मा की अध्यक्षता में पीठासीन (Presiding) अधिकारियों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में चुनाव प्रक्रिया की बारीकियों को समझाने के साथ-साथ कड़े दिशा-निर्देश भी जारी किए गए।
मतदान की गोपनीयता सर्वोपरि: मोबाइल पर पाबंदी
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को संबोधित करते हुए बीडीओ अभिषेक शर्मा ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मतदान की गोपनीयता बनाए रखने के लिए किसी भी मतदाता को मतदान केंद्र के भीतर मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे बूथ स्तर पर इस नियम का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें ताकि चुनावी प्रक्रिया की शुचिता बनी रहे।
पहचान पत्र के बिना नहीं होगा मतदान
अभिषेक शर्मा ने बताया कि निष्पक्ष चुनाव के लिए प्रत्येक मतदाता को मतदान केंद्र पर अपनी पहचान सुनिश्चित करनी होगी। मतदाता अपनी पहचान के लिए निम्नलिखित दस्तावेजों का उपयोग कर सकेंगे वोटर आईडी कार्ड (EPIC), आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस,अन्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त पहचान पत्र।
मास्टर ट्रेनर्स ने दी व्यावहारिक ट्रेनिंग
शिविर में उपस्थित मास्टर ट्रेनर्स ने पीठासीन अधिकारियों को मतदान सामग्री के उपयोग, मतदाताओं की पहचान की प्रक्रिया, चुनावी दस्तावेजों के उचित रख-रखाव और आचार संहिता के पालन के बारे में विस्तार से समझाया। व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से अधिकारियों की शंकाओं का समाधान किया गया ताकि वे अपनी ड्यूटी को पूरी दक्षता और जिम्मेदारी के साथ निभा सकें।
राज्य चुनाव आयोग की पैनी नजर
इस अवसर पर राज्य चुनाव आयोग की ओर से ऑब्जर्वर दीप्ति मनठोतरा विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे पूरी सतर्कता और निष्पक्षता बनाए रखें।
बीडीओ अभिषेक शर्मा ने अंत में कहा कि पंचायत चुनाव लोकतंत्र की मजबूत नींव हैं और इनका सफल संचालन सभी अधिकारियों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अनुशासन और सतर्कता के साथ अपनी ड्यूटी निभाने का आह्वान किया।