ENT विभाग के बाहर परिजनों का प्रदर्शन, बोले- गरीब मरीजों को भुगतना पड़ रहा सुविधाओं की कमी का खामियाजा
चंबा जिले से कान का इलाज करवाने टांडा मेडिकल कॉलेज पहुंचे बीपीएल परिवार के दो बच्चों को ऑपरेशन के लिए करीब एक साल बाद की तारीख मिलने पर परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। सोमवार को परिजनों ने टांडा मेडिकल कॉलेज के ENT विभाग के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और विभागीय व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए।
मशीनरी के अभाव में टला ऑपरेशन
परिजनों का आरोप है कि दोनों बच्चे लंबे समय से कान की गंभीर समस्या से परेशान हैं और दर्द की स्थिति में एक साल तक इंतजार करना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि मशीनरी की कमी का सबसे ज्यादा असर गरीब मरीजों पर पड़ रहा है।
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने ENT विभाग के बाहर नारेबाजी करते हुए विभागाध्यक्ष डॉ. मुनीश सरोच के खिलाफ भी रोष जताया। इस दौरान उन्होंने विधायक आरएस बाली के खिलाफ भी नाराजगी जाहिर की।
परिजनों का कहना था कि यदि टांडा मेडिकल कॉलेज को प्रदेश की बड़ी स्वास्थ्य संस्था के रूप में प्रस्तुत किया जाता है, तो यहां आधुनिक मशीनें, पर्याप्त स्टाफ और मरीजों को समय पर उपचार की सुविधा भी मिलनी चाहिए।
उन्होंने सरकार से मांग की कि मेडिकल कॉलेज में जरूरी उपकरणों की जल्द व्यवस्था की जाए, ताकि मरीजों को इलाज के लिए महीनों या वर्षों तक इंतजार न करना पड़े।
83 लाख की एंडोस्कोपिक मशीन खराब
वहीं, टांडा मेडिकल कॉलेज के ENT विभागाध्यक्ष डॉ. मुनीश सरोच ने बताया कि विभाग में करीब 83 लाख रुपये की एंडोस्कोपिक मशीन खराब पड़ी है, जिसके कारण ऑपरेशन नहीं किए जा पा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2007 के बाद ENT विभाग के लिए कोई नई मशीन उपलब्ध नहीं करवाई गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन किया जाना था, लेकिन मशीन खराब होने के कारण यह संभव नहीं हो पाया। मशीन के ठीक होने या नई मशीन उपलब्ध होने के बाद ऑपरेशन कर दिए जाएंगे।
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