हमीरपुर।
हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले ने स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी धाक जमाई है। जिले की 9 ग्राम पंचायतों का चयन 'सुपोषित ग्राम पंचायत अभियान' के तहत राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए हुआ है।
कुपोषण को दूर करने और पोषण स्तर को सुधारने में किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए इन पंचायतों को आगामी 2 अप्रैल को नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य समारोह में सम्मानित किया जाएगा।
इनाम में मिलेगी ₹1 लाख की राशि
चयनित प्रत्येक ग्राम पंचायत को सम्मान स्वरूप 1 लाख रुपये की नकद प्रोत्साहन राशि और प्रशस्ति पत्र भेंट किया जाएगा। देश भर की लगभग 1000 पंचायतों में से इन पंचायतों का चयन कड़ी प्रतिस्पर्धा और जमीनी स्तर पर हुई जांच के बाद किया गया है।
इन पंचायतों का चयन बेहद पारदर्शी तरीके से 'पोषण ट्रैकर' पोर्टल के आंकड़ों के आधार पर किया गया है। चयन प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए एक राज्य के डेटा की जांच दूसरे राज्य की टीम द्वारा की गई।
हिमाचल की पंचायतों में जमीनी हकीकत जानने के लिए अंडमान निकोबार की विशेष टीम ने गांव-गांव जाकर जागरूकता और पोषण स्तर की जांच की। प्रदेश की कुल 50 पंचायतें इस सूची में शामिल हैं, जिनमें मंडी की 19 और हमीरपुर की 9 पंचायतें प्रमुख हैं।
सम्मानित होने वाली पंचायतें
हमीरपुर जिले की जिन पंचायतों ने इस गौरवपूर्ण सूची में जगह बनाई है, उनमें शामिल हैं पटलांदर, मनिहाल, बल्ह, सानवी, दाड़ला, जोल, री, चमियाना और धबड़ियाना।
सुपोषित ग्राम पंचायत अभियान के तहत पोषण के क्षेत्र में बेहतर काम करने के लिए हमीरपुर की 9 पंचायतों को राष्ट्रीय स्तर पर चुना गया है। इन पंचायतों को 1-1 लाख रुपये का इनाम और सम्मान 2 अप्रैल को दिल्ली में दिया जाएगा। यह जिला प्रशासन और पंचायतों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। — कुलदीप सिंह चौहान, जिला बाल संरक्षण अधिकारी