शिमला।
हिमाचल प्रदेश में बढ़ती आपराधिक घटनाओं और बाहरी राज्यों से आ रहे संदिग्ध व्यक्तियों की गहन जांच न होने को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भाजपा के शिमला जिलाध्यक्ष केशव चौहान ने प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली, इंटेलिजेंस और जवाबदेही पर कड़ा प्रहार करते हुए इसे प्रशासन की बड़ी विफलता करार दिया है।
केशव चौहान ने कहा कि वह पिछले दो वर्षों से लगातार सरकार और पुलिस प्रशासन को सचेत कर रहे हैं। उन्होंने मांग की थी कि पंजाब, हरियाणा या देश के किसी भी अन्य हिस्से से आने वाले हर व्यक्ति की संपूर्ण जानकारी जुटाई जाए।
बाहरी व्यक्ति के आने का कारण, रुकने की अवधि और पहचान का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक होना चाहिए। चौहान के अनुसार, सरकार और प्रशासन ने इन चेतावनियों को नजरअंदाज किया, जिसका खामियाजा अब प्रदेश की जनता भुगत रही है।
भाजपा जिलाध्यक्ष ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बाहरी व्यक्ति व्यापार को माध्यम बनाकर प्रदेश में प्रवेश कर रहे हैं, लेकिन वास्तव में इनमें से कई नशे के सौदागर, बहरूपिये और अपराधी हैं।
आज प्रदेश में गुंडागर्दी और फिरौती के मामले सामने आने लगे हैं। मॉल रोड पर कथित बाबा द्वारा बेटियों के साथ छेड़खानी और हाल ही में मंदिरों में घूम रहे संदिग्ध बांग्लादेशी छात्र का मामला इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है। पढ़ाई के बहाने आए इन लोगों का असली मकसद क्या है, यह पुलिस को स्पष्ट करना चाहिए।" — केशव चौहान, जिलाध्यक्ष भाजपा
चौहान ने हालिया घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि राजधानी के सुरक्षित माने जाने वाले मॉल रोड पर छेड़खानी और मंदिरों में वेश बदलकर घूम रहे विदेशी नागरिकों ने आम जनता में भय का माहौल पैदा कर दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर इंटेलिजेंस सक्रिय होता, तो ऐसे तत्व प्रदेश के शांत माहौल को भंग करने की हिम्मत कैसे करते?
भाजपा नेता ने केवल बाहरी तत्वों पर ही नहीं, बल्कि गलत गतिविधियों में संलिप्त स्थानीय युवाओं पर भी चिंता जताई। उन्होंने सरकार से अपील की है कि प्रदेश के हर स्थान पर कड़ी निगरानी (Surveillance) रखी जाए। बाहरी व्यक्तियों के सत्यापन के लिए ठोस नीति बनाई जाए। गलत राह पर चल रहे स्थानीय युवाओं को समय रहते सचेत और नियंत्रित किया जाए।
केशव चौहान ने साफ शब्दों में कहा कि हिमाचल की शांति को किसी भी कीमत पर भंग नहीं होने दिया जाएगा। यदि सरकार और प्रशासन ने जल्द ही सुरक्षा व्यवस्था और वेरिफिकेशन प्रक्रिया में सुधार नहीं किया, तो भाजपा जनहित में उग्र आंदोलन से पीछे नहीं हटेगी।