धर्मशाला। केंद्र सरकार के ‘12 साल विश्वास के, विकास के’ जनकल्याण कार्यक्रम के तहत राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने धर्मशाला के विधायक एवं वरिष्ठ भाजपा नेता सुधीर शर्मा के साथ ढगवार में निर्माणाधीन अत्याधुनिक मिल्क प्लांट का निरीक्षण किया।
इस दौरान सांसद राजीव भारद्वाज भी मौजूद रहे। दौरे के दौरान एनडीडीबी (नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड) की ओर से तैयार किए जा रहे इस परियोजना की प्रगति और आगामी योजनाओं की विस्तृत जानकारी साझा की गई।
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि ढगवार मिल्क प्लांट राष्ट्रीय महत्व की परियोजना है, जो हिमाचल प्रदेश में डेयरी क्षेत्र को नई दिशा देने का काम करेगी। उन्होंने कहा कि धर्मशाला विकास के नए मानक स्थापित कर रहा है और इसमें विधायक सुधीर शर्मा की अहम भूमिका रही है।
उन्होंने स्मार्ट सिटी सहित विभिन्न विकास परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनका लाभ पूरे क्षेत्र को मिल रहा है।
विधायक सुधीर शर्मा ने बताया कि ढगवार दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र से जुड़े किसानों और दूध संग्रहण में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। दिसंबर 2023 में जहां प्रतिदिन करीब 6,200 लीटर दूध एकत्रित किया जाता था, वहीं अब यह आंकड़ा बढ़कर लगभग 24,000 लीटर प्रतिदिन तक पहुंच गया है।
उन्होंने कहा कि किसानों को बेहतर खरीद दरें मिलने और डेयरी सहकारी समितियों के विस्तार से यह संभव हो पाया है।
संयंत्र प्रबंधक अखिलेश पाराशर के अनुसार कांगड़ा क्लस्टर में डेयरी सहकारी समितियों की संख्या 44 से बढ़कर 352 हो चुकी है, जिससे हजारों ग्रामीण दुग्ध उत्पादक संगठित डेयरी नेटवर्क से जुड़े हैं। इससे किसानों की आय बढ़ाने और डेयरी गतिविधियों को मजबूत करने में मदद मिल रही है।
सुधीर शर्मा ने बताया कि लगभग 225 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा यह पूर्णतः स्वचालित मिल्क प्लांट सितंबर 2026 तक शुरू होने की संभावना है। संयंत्र में फ्लेवर्ड मिल्क, दही, लस्सी, पनीर, मोज़रेला चीज़, योगर्ट और खोआ सहित कई मूल्यवर्धित दुग्ध उत्पादों का उत्पादन किया जाएगा।
इसके अलावा कांगड़ा मिल्क यूनियन के तहत 20-20 हजार लीटर क्षमता वाले दो नए चिलिंग सेंटर भी स्थापित किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल डेयरी क्षेत्र को मजबूती देगी, बल्कि प्रदेश के हजारों दुग्ध उत्पादक किसानों के लिए आय बढ़ाने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।