हजारों श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक और पूजा-अर्चना, 81 फीट ऊंची शिव प्रतिमा बनी आकर्षण का केंद्र
श्रावण मास के पहले सोमवार के अवसर पर जिला के पांडवकालीन प्राचीन महादेव मंदिर में श्रद्धा और आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। सुबह ब्रह्ममुहूर्त से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं।
भगवान शिव के भक्तों ने "हर-हर महादेव" और "बम-बम भोले" के जयघोष के साथ मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद लिया।
भक्तों ने किया जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक
श्रद्धालुओं ने विधि-विधान के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक और पूजा-अर्चना की। भक्तों ने परिवार की सुख-समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना की।
मंदिर प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दर्शन, पूजा और अन्य व्यवस्थाओं के विशेष प्रबंध किए गए थे।
देशभर से पहुंचते हैं श्रद्धालु
प्राचीन महादेव मंदिर के प्रति श्रद्धालुओं में गहरी आस्था है। हिमाचल प्रदेश के अलावा पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में भक्त यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
कई श्रद्धालुओं ने बताया कि वे वर्षों से श्रावण मास में यहां पहुंचकर भगवान शिव की पूजा करते आ रहे हैं। उनका विश्वास है कि सच्चे मन से की गई प्रार्थना भगवान भोलेनाथ अवश्य स्वीकार करते हैं।
81 फीट ऊंची शिव प्रतिमा बनी आकर्षण
मंदिर परिसर में स्थापित भगवान शिव की 81 फीट ऊंची विशाल प्रतिमा श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रही। भक्तों ने प्रतिमा के सामने नमन किया और फोटो व सेल्फी लेते भी नजर आए।
संत स्वामी मंगलानंद महाराज ने दिया शिव भक्ति का संदेश
मंदिर के अधिष्ठाता संत स्वामी मंगलानंद महाराज ने श्रद्धालुओं को श्रावण मास में शिव आराधना के महत्व के बारे में बताया।
उन्होंने कहा कि श्रावण मास भगवान शिव की भक्ति के लिए सबसे पवित्र समय माना जाता है। सच्ची श्रद्धा और भक्ति से भगवान भोलेनाथ प्रसन्न होकर भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।
उन्होंने श्रद्धालुओं से श्रावण मास में अधिक से अधिक शिव आराधना, सेवा और सद्कर्म करने का आह्वान किया।
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