बिलासपुर
बिलासपुर जिले के झंडूता उपमंडल के तहत आने वाली बाबा बालक नाथ की तपोस्थली शाहतलाई में एक बार फिर अटूट श्रद्धा का चमत्कार देखने को मिला है। जालंधर से आए एक श्रद्धालु परिवार की मन्नत पूरी होने पर खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
जन्म से बोल पाने में असमर्थ 6 वर्षीय बालक की जुबान बाबा के आशीर्वाद से खुल गई, जिसके बाद परिवार ने दरबार में पहुंचकर आभार स्वरूप चांदी की जीभ अर्पित की।
जालंधर (पंजाब) निवासी यह परिवार पिछले साल चैत्र मास के मेलों के दौरान शाहतलाई पहुंचा था। उनका बेटा जन्म से ही बोल नहीं पाता था। पिता ने बताया कि उन्होंने बच्चे के इलाज के लिए कई बड़े अस्पतालों और विशेषज्ञों के चक्कर काटे, लेकिन कहीं से भी कोई उम्मीद की किरण नजर नहीं आई।
अस्पतालों से निराश होकर परिवार ने बाबा जी की शरण ली। मंदिर के पुजारी पंडित श्रवण कुमार शर्मा के माध्यम से विशेष अरदास करवाई गई। परिवार का दावा है कि बाबा की कृपा से बच्चे ने धीरे-धीरे शब्द बोलने शुरू किए।
6 साल के इंतजार के बाद जब बच्चे के मुंह से पहली बार बोल निकले, तो परिवार की आंखों में खुशी के आंसू छलक आए। मन्नत पूरी होने के करीब 11 महीने बाद, 21 फरवरी की रात यह परिवार दोबारा शाहतलाई पहुंचा। उन्होंने बाबा जी के चरणों में शीश नवाया, लंगर सेवा की और प्रतीक के रूप में चांदी की जीभ भेंट की।
श्रद्धालु ने बच्चे के ठीक होने की जानकारी मुझे फोन पर ही दे दी थी। शनिवार रात उन्होंने मंदिर पहुंचकर मन्नत पूरी की। बाबा बालक नाथ के दर से कोई खाली हाथ नहीं जाता; जो सच्चे मन से अरदास करता है, सिद्ध बाबा उसकी मुराद जरूर पूरी करते हैं।
सिद्ध बाबा बालक नाथ की तपोस्थली शाहतलाई देश-विदेश के लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। विशेष रूप से चैत्र और सावन के महीनों में यहाँ भारी भीड़ उमड़ती है। इस ताजा घटना ने एक बार फिर भक्तों के विश्वास को और गहरा कर दिया है।