सुचैहण पंचायत में तेज बहाव और मलबे से पैदल रास्ते व संपर्क मार्ग प्रभावित, प्रधान ने प्रशासन से जल्द बहाली की मांग की
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के सैंज स्थित सुचैहण पंचायत के नूहड़ा वाटरफॉल क्षेत्र में शुक्रवार को बादल फटने से भारी तबाही हुई। अचानक हुई तेज बारिश के बाद आए बाढ़ के पानी और मलबे ने क्षेत्र में कई स्थानों पर नुकसान पहुंचाया। तेज बहाव की चपेट में आने से करीब छह पुलियाएं बह गईं, जिससे ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित हुई है।
बादल फटने के कारण गांवों को जोड़ने वाले कई पैदल रास्ते भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। वहीं, बाढ़ के पानी और मलबे से क्षेत्र की कई पेयजल योजनाओं की पाइपलाइन को नुकसान पहुंचा है। पाइपलाइन टूटने के कारण आने वाले दिनों में ग्रामीणों के सामने पेयजल संकट खड़ा होने की आशंका है। स्थानीय लोगों के अनुसार, अचानक आए तेज बहाव के कारण उन्हें संभलने तक का मौका नहीं मिला।
जगह-जगह रास्ते प्रभावित, नूहड़ा वाटरफॉल का बदला स्वरूप
तेज बहाव के साथ भारी मात्रा में मलबा आने से क्षेत्र में जगह-जगह रास्ते और संपर्क मार्ग प्रभावित हुए हैं। बादल फटने के बाद नूहड़ा वाटरफॉल का प्राकृतिक स्वरूप भी बदल गया है।
तेज बहाव के कारण वाटरफॉल क्षेत्र में बड़ी मात्रा में मलबा जमा हो गया है। पुलियाओं और पैदल रास्तों के क्षतिग्रस्त होने से आसपास के गांवों के लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन से जल्द नुकसान का आकलन करने की मांग
सुचैहण पंचायत के प्रधान धर्मपाल ठाकुर ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्र का जल्द निरीक्षण कर नुकसान का आकलन करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि बादल फटने से पुलियाओं, पैदल रास्तों और पेयजल योजनाओं को काफी नुकसान हुआ है। प्रशासन को प्रभावित क्षेत्र में टीम भेजकर वास्तविक नुकसान का जायजा लेना चाहिए।
प्रधान ने मांग की कि क्षतिग्रस्त पुलियाओं और रास्तों के साथ पेयजल योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर बहाल किया जाए, ताकि ग्रामीणों को पेयजल और आवाजाही की समस्या से जल्द राहत मिल सके।
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