ऊना।
हिमाचल प्रदेश के राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने शनिवार को ऊना के सर्किट हाउस में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में आपदा प्रभावितों को राहत राशि वितरित की।
इस दौरान वर्ष 2025 की प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित परिवारों को करीब 75 लाख रुपये के चेक सौंपे गए। कार्यक्रम में राजस्व मंत्री ने केंद्र सरकार के रवैये पर कड़े प्रहार किए और प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।
चेक वितरित करने के उपरांत जनसभा को संबोधित करते हुए जगत सिंह नेगी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में हिमाचल प्रदेश ने इतिहास की सबसे भयानक प्राकृतिक आपदाओं का सामना किया है।
उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में हमारी सरकार ने अपने सीमित संसाधनों और खाली खजाने के बावजूद प्रभावितों की हर संभव मदद की है। आज वितरित की गई 75 लाख की राशि इसी संकल्प का हिस्सा है ताकि लोग अपने आशियाने और जीवन को फिर से संवार सकें।"
राजस्व मंत्री ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि आपदा के समय हिमाचल को केंद्र से जो आर्थिक सहयोग मिलना चाहिए था, वह नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश को केंद्र से 'फूटी कौड़ी' तक की विशेष सहायता प्राप्त नहीं हुई।
आपदा को 'राष्ट्रीय आपदा' घोषित करने की मांग को भी अनसुना कर दिया गया। हिमाचल के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है, लेकिन प्रदेश सरकार अपने दम पर पुनर्वास कार्यों को अंजाम दे रही है।
मंत्री ने स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए कि आपदा राहत के जो भी मामले लंबित हैं, उनका प्राथमिकता के आधार पर निपटारा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि राहत राशि के वितरण में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस अवसर पर बड़ी संख्या में आपदा प्रभावित परिवारों के साथ-साथ जिला प्रशासन के अधिकारी, कांग्रेस पदाधिकारी और स्थानीय नेता मौजूद रहे।