शिमला I
भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपने 5 दिवसीय ग्रीष्मकालीन प्रवास (Summer Sojourn) के लिए सोमवार दोपहर 12 बजे के बाद हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला पहुँच गई हैं। कल्याणी हेलीपैड पर उतरने के बाद उनका जोरदार स्वागत किया गया, जिसके बाद वह मशोबरा स्थित अपने आधिकारिक निवास 'द रिट्रीट' के लिए रवाना हुईं।
शिमला पहुँचने पर राज्यपाल कविंद्र गुप्ता और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राष्ट्रपति का औपचारिक स्वागत किया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष, कैबिनेट मंत्री और प्रशासन के आला अधिकारी भी मौजूद रहे। राष्ट्रपति को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, जिसके बाद उनका काफिला कड़ी सुरक्षा के बीच 'द रिट्रीट' पहुँचा।
राष्ट्रपति के दौरे के मद्देनजर शिमला को एक किले में तब्दील कर दिया गया है। शहर में हजारों की संख्या में पुलिस कर्मी और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के जवान तैनात किए गए हैं। संजौली, ढली और छराबड़ा जाने वाले रास्तों पर सड़कों के दोनों ओर कड़ी बैरिकेडिंग की गई है। वीवीआईपी सुरक्षा को देखते हुए शहर के कई हिस्सों को 'नो फ्लाई ज़ोन' घोषित किया गया है।
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था का असर आम जनजीवन पर भी देखने को मिल रहा है। संजौली और ढली जैसे व्यस्त क्षेत्रों में सड़क किनारे की गई बैरिकेडिंग के कारण स्थानीय लोगों और स्कूल जाने वाले बच्चों को पैदल चलने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
साथ ही, वीआईपी मूवमेंट के दौरान ट्रैफिक को रोके जाने से सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं, जिससे दैनिक यात्रियों को परेशानी हुई।
27 अप्रैल से 1 मई 2026 तक चलने वाले इस दौरे में राष्ट्रपति कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगी:
आज: रिट्रीट निवास में विश्राम और आधिकारिक मुलाकातें।
28 अप्रैल: राज्यपाल द्वारा आयोजित राजकीय भोज में शिरकत।
29 अप्रैल: विश्व प्रसिद्ध अटल टनल (रोहतांग) का दौरा।
30 अप्रैल: पालमपुर कृषि विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह।
शिमला पुलिस ने पर्यटकों और स्थानीय निवासियों से अपील की है कि वे सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करें और वीवीआईपी मूवमेंट के समय वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग करें ताकि अनावश्यक ट्रैफिक जाम से बचा जा सके।