पधर (मंडी): उपमंडल पधर के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत गलोग ने नशे के बढ़ते जाल, विशेषकर 'चिट्टा' के खिलाफ एक निर्णायक लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है। पंचायत भवन में आयोजित एक विशेष बैठक के दौरान पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से शपथ ली कि वे न तो पंचायत क्षेत्र में नशा (चिट्टा) आने देंगे और न ही किसी को इसका व्यापार करने देंगे।
बैठक के दौरान उपस्थित जनसमूह ने संकल्प लिया कि वे नशे के इस जानलेवा कारोबार को जड़ से मिटाने के लिए पुलिस और प्रशासन का पूर्ण सहयोग करेंगे। ग्रामीणों ने शपथ ली कि यदि पंचायत क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति नशा बेचते या खरीदते पाया गया, तो उसका सामाजिक बहिष्कार करने के साथ-साथ कड़ी कानूनी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।
पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि चिट्टा जैसी घातक नशीली वस्तुएं आज की युवा पीढ़ी को खोखला कर रही हैं। देवभूमि हिमाचल के शांत वातावरण में नशे का जहर घोलने वालों को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गलोग पंचायत ने मिसाल पेश करते हुए अन्य पंचायतों से भी आग्रह किया है कि वे आगे आएं और अपने क्षेत्रों को नशामुक्त बनाने के लिए ऐसे कड़े कदम उठाएं।
ग्राम पंचायत गलोग ने पुलिस विभाग से भी मांग की है कि क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जाए और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाए। ग्रामीणों का मानना है कि जब तक समाज जागरूक नहीं होगा, तब तक नशे के खिलाफ यह लड़ाई नहीं जीती जा सकती। इस दौरान पंचायत के प्रधान, उप-प्रधान, वार्ड सदस्य और बड़ी संख्या में स्थानीय महिला मंडल व युवक मंडल के सदस्य मौजूद रहे।