शिमला।
आज के दौर में जहाँ विज्ञान और शिक्षा के प्रसार की बातें की जाती हैं, वहीं समाज के बीच से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है जिसने मानवता को झकझोर कर रख दिया है। एक माता-पिता अपने नवजात शिशु को जन्म के कुछ ही घंटों बाद लावारिस हालत में छोड़कर फरार हो गए।
घटना का विवरण
प्राप्त जानकारी के अनुसार, महिला को कल देर रात प्रसव पीड़ा के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहाँ उसने एक स्वस्थ बालिका को जन्म दिया। आज सुबह जब नर्स रूटीन चेकअप के लिए वार्ड में पहुँची, तो पालने में बच्चा तो था, लेकिन माता-पिता और उनके परिजन वहां से फरार थे।
काफी देर तक इंतजार करने के बाद जब कोई वापस नहीं लौटा, तो अस्पताल प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को सूचित किया।
प्रशासनिक कार्रवाई
अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) ने बताया बच्चा फिलहाल पूरी तरह स्वस्थ है और डॉक्टरों की एक विशेष टीम उसकी देखरेख कर रही है। हमने पुलिस को सीसीटीवी (CCTV) फुटेज सौंप दी है और बच्चे के संरक्षण के लिए 'चाइल्ड वेलफेयर कमेटी' को भी सूचित कर दिया गया है।
पुलिस की जांच
पुलिस ने अस्पताल के रिकॉर्ड में दर्ज पते और मोबाइल नंबरों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में पाया गया है कि भर्ती के समय दिए गए कुछ दस्तावेज संदिग्ध हो सकते हैं। पुलिस अस्पताल के आसपास के सीसीटीवी कैमरों की मदद से उस वाहन की पहचान करने की कोशिश कर रही है, जिससे आरोपी फरार हुए।
समाज पर उठते सवाल
यह घटना केवल एक कानूनी अपराध नहीं है, बल्कि हमारे समाज की नैतिक गिरावट का भी प्रतीक है। आखिर ऐसी क्या मजबूरी रही होगी कि जन्मदाताओं ने अपने ही जिगर के टुकड़े को अनजान राहों पर छोड़ दिया? क्या यह गरीबी का परिणाम है या सामाजिक लोक-लाज का डर?