किन्नौर के काफनू से शुरू हुआ 10 दिन का कठिन अभियान सफलतापूर्वक पूरा, अब परांग ला दर्रा पार कर लद्दाख के कारजोक पहुंचेगा दल
अखिल भारतीय एनसीसी गर्ल्स हाई-एल्टीट्यूड एक्सपीडिशन दल ने 16,125 फीट ऊंचे पिन भाभा दर्रे को पार कर स्पीति की पिन घाटी स्थित मुद गांव पहुंचकर अभियान के पहले चरण को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। दल ने किन्नौर के काफनू से शुरू हुई करीब 60 किलोमीटर लंबी और 10 दिन की कठिन ट्रैकिंग पूरी की।
दल ने 24 अगस्त को काफनू से अभियान की शुरुआत की थी। भाभा घाटी से होते हुए कैडेट्स मुलिंग, कारा, पुष्टिरंग और बालदार के रास्ते स्पीति पहुंचे। काफनू समुद्र तल से करीब 7,710 फीट की ऊंचाई पर स्थित है, जबकि अभियान के दौरान टीम ने मुलिंग में 10,660 फीट, कारा में 12,140 फीट और पुष्टिरंग में 13,450 फीट की ऊंचाई पर बनाए गए शिविरों
में रुककर कठिन परिस्थितियों में यात्रा जारी रखी।
16,125 फीट ऊंचे दर्रे को किया पार
अभियान का सबसे कठिन चरण पिन भाभा दर्रे को पार करना रहा। कैडेट्स ने तड़के अपनी यात्रा शुरू की और लंबे तथा खड़ी चढ़ाई वाले ऊबड़-खाबड़ रास्ते को पार करते हुए 16,125 फीट की ऊंचाई पर स्थित दर्रे तक पहुंचे। इसके बाद हिमनद क्षेत्र, मोरेन और ढीले पत्थरों से भरे कठिन मार्ग से उतरकर टीम ने स्पीति के बंजर उच्च हिमालयी क्षेत्र में प्रवेश किया।
दर्रा पार करने के बाद दल बालदार होते हुए मुद गांव पहुंचा। बालदार करीब 12,795 फीट की ऊंचाई पर स्थित है, जबकि मुद गांव समुद्र तल से लगभग 12,500 फीट की ऊंचाई पर है।
कठिन ट्रैक ने परखी कैडेट्स की सहनशक्ति
पिन भाभा ट्रैक को कठिन श्रेणी में रखा गया है। अभियान के दौरान कैडेट्स को कई नदी-नालों को पार करने के साथ बड़े-बड़े पत्थरों से भरी चढ़ाइयों और अत्यधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में लंबे समय तक ट्रैकिंग करनी पड़ी। कठिन भू-भाग और कम ऑक्सीजन वाले वातावरण ने कैडेट्स की शारीरिक क्षमता, मानसिक मजबूती और सहनशक्ति की कड़ी परीक्षा ली।
मुद में पारंपरिक अंदाज में हुआ स्वागत
मुद गांव पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने एनसीसी दल का गर्मजोशी से स्वागत किया। पारंपरिक वेशभूषा में सजे स्थानीय लोगों ने स्पीति के पारंपरिक लोक नृत्य के माध्यम से कैडेट्स का अभिनंदन किया। रंगारंग स्वागत के साथ अभियान के शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण पहले चरण का उत्साहपूर्ण समापन हुआ।
अब परांग ला पार कर लद्दाख जाएगा दल
पिन भाभा दर्रे को पार करना अभियान के दूसरे और अधिक चुनौतीपूर्ण चरण की तैयारी एवं चयन प्रक्रिया का हिस्सा था। अब दल परांग ला दर्रे को पार करते हुए स्पीति से लद्दाख के कारजोक तक पहुंचेगा।
पहले चरण में ऊंचाई, लंबी दूरी और दुर्गम भू-भाग की चुनौतियों को सफलतापूर्वक पार करने के बाद कैडेट्स अब अखिल भारतीय एनसीसी गर्ल कैडेट्स के ‘अपराजिता’ अभियान के अंतिम और सबसे कठिन चरण की तैयारी में जुट गए हैं।
follow us on facebook
subscribe to us on youtube