10 साल बाद परिवार से मिली किरण, सहयोग संस्था के प्रयासों से हुआ भावुक पुनर्मिलन

10 साल बाद परिवार से मिली किरण, सहयोग संस्था के प्रयासों से हुआ भावुक पुनर्मिलन
10 साल बाद परिवार से मिली किरण, सहयोग संस्था के प्रयासों से हुआ भावुक पुनर्मिलन

Published:

लूनापानी के शक्ति सदन में काउंसलिंग के बाद मोबाइल नंबर से परिवार तक पहुंची संस्था, एक महीने से पहले ही परिजनों से कराया मिलन

दिव्यांग बच्चों की सेवा, शिक्षा, देखभाल और पुनर्वास के क्षेत्र में पिछले 30 वर्षों से कार्यरत सहयोग संस्था ने संवेदनशीलता और मानवीय सेवा की मिसाल पेश की है। संस्था की ओर से दिव्यांग बच्चों को शिक्षा, आवास, भोजन, चिकित्सा, प्रशिक्षण सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

इसके साथ ही सहयोग संस्था की ओर से वर्ष 2020 से महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत लूनापानी में स्वाधार गृह/शक्ति सदन का संचालन किया जा रहा है। यहां बेसहारा, निराश्रित और जरूरतमंद महिलाओं को सुरक्षित आवास के साथ भोजन, चिकित्सा, काउंसलिंग, प्रशिक्षण और पुनर्वास जैसी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाती हैं।

79 महिलाओं को मिला आश्रय, कई का हुआ पुनर्वास

वर्ष 2020 से अब तक स्वाधार गृह में 79 महिलाओं को दाखिला दिया गया है। इनमें से 59 महिलाओं और 10 बच्चों को उनके परिवारों तक पहुंचाकर घर भेजा जा चुका है। वहीं 5 महिलाओं को वृद्ध आश्रम और 5 महिलाओं को अन्य होम में भेजकर उनके पुनर्वास की व्यवस्था की गई। संस्था ने एक महिला का विवाह करवाने के साथ ही एक अन्य महिला को सहयोग संस्था में ही रोजगार भी उपलब्ध करवाया है।

15 अगस्त को शक्ति सदन पहुंची थी किरण

इसी कड़ी में संस्था के प्रयासों से हाल ही में करीब 10 वर्षों बाद किरण का उसके परिवार से पुनर्मिलन हुआ। किरण को वन स्टॉप सेंटर, सोलन की ओर से रेस्क्यू किए जाने के बाद 15 अगस्त 2026 को स्वाधार गृह, लूनापानी में दाखिल करवाया गया था।

उस समय महिला के पास कोई पहचान पत्र या स्थायी पता नहीं था। उपलब्ध दस्तावेजों में भी उसे परित्यक्त और बेसहारा बताया गया था। इसके अलावा वह अपना पता बताने में भी असमर्थ थी।

काउंसलिंग और मोबाइल नंबर से शुरू हुई परिवार की तलाश

शक्ति सदन में पहुंचने के बाद संस्था के कर्मचारियों ने किरण की लगातार काउंसलिंग की। संस्था में आए कुछ ही दिन हुए थे, लेकिन स्टाफ ने इसे चुनौती के रूप में लेते हुए परिवार की तलाश के प्रयास शुरू कर दिए।

बार-बार काउंसलिंग और बातचीत के दौरान महिला से मिली छोटी-छोटी जानकारियों तथा उसके पास उपलब्ध मोबाइल नंबर के आधार पर संस्था के कर्मचारियों ने उसके परिवार का पता लगाने का प्रयास किया। सतत प्रयासों का परिणाम रहा कि एक महीने का समय पूरा होने से पहले ही किरण के घर और परिवार की जानकारी मिल गई।

मोबाइल नंबर के माध्यम से उसके माता-पिता, मामा-मामी, अन्य रिश्तेदारों और पति से संपर्क स्थापित किया गया। इसके बाद परिजन स्वाधार गृह पहुंचे और करीब 10 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद किरण का अपने परिवार से भावुक पुनर्मिलन हुआ।

संस्था ने बताया सेवा का उद्देश्य

सहयोग संस्था के सचिव डॉ. एन.के. शर्मा ने कहा कि संस्था का उद्देश्य केवल जरूरतमंद महिलाओं को आश्रय उपलब्ध करवाना नहीं है, बल्कि उन्हें उनके परिवार से जोड़कर सम्मानपूर्वक समाज की मुख्यधारा में वापस लाना भी है। किरण का परिवार से पुनर्मिलन इसी उद्देश्य की महत्वपूर्ण सफलता है।

किरण के परिवार से मिलने का क्षण बेहद भावुक रहा। करीब 10 वर्षों बाद माता-पिता, रिश्तेदारों और पति से मिलकर महिला और उसके परिवार की खुशी देखते ही बन रही थी। संस्था के लिए भी यह पल संतोष और गर्व का विषय रहा।

सहयोग संस्था पिछले 30 वर्षों से दिव्यांग बच्चों की सेवा एवं पुनर्वास के साथ-साथ जरूरतमंद और बेसहारा महिलाओं के संरक्षण, पुनर्वास तथा सामाजिक पुनर्स्थापन के क्षेत्र में कार्य कर रही है। संस्था की प्रभारी गीता पुरोहित ने यह जानकारी साझा की।

इस खबर के विषय

संबंधित खबरें

घवांडल पशु चिकित्सालय में पशु जन्म नियंत्रण शिविर, 15 कुत्तों की सफल नसबंदी

घवांडल पशु चिकित्सालय में पशु जन्म नियंत्रण शिविर, 15 कुत्तों की सफल नसबंदी

पशु चिकित्सालय घवांडल में आयोजित पशु जन्म नियंत्रण शिविर में 15 श्वानों की सफल शल्य चिकित्सा की गई। इनमें 7 मादा और 8 नर कुत्ते शामिल रहे। शिविर का उद्देश्य ...

पूरा पढ़ें (Read More) →
करंट लगने से इकलौते बेटे की मौत, दो महीने बाद भी परिवार की सुध लेने नहीं पहुंचा प्रशासन; चार बहनों और बुजुर्ग माता-पिता का था सहारा

करंट लगने से इकलौते बेटे की मौत, दो महीने बाद भी परिवार की सुध लेने नहीं पहुंचा प्रशासन; चार बहनों और बुजुर्ग माता-पिता का था सहारा

बिलासपुर के श्री नयना देवी जी क्षेत्र के भटेड गांव में करंट लगने से जान गंवाने वाले गुरमेल सिंह के परिवार ने प्रशासन पर सुध न लेने का आरोप लगाया है। परिवार क...

पूरा पढ़ें (Read More) →
13 नवंबर को मंडी में CM सुक्खू के नेतृत्व में निकलेगी एंटी चिट्टा जागरूकता वॉकथॉन, तैयारियों में जुटा प्रशासन

13 नवंबर को मंडी में CM सुक्खू के नेतृत्व में निकलेगी एंटी चिट्टा जागरूकता वॉकथॉन, तैयारियों में जुटा प्रशासन

हिमाचल को चिट्टे के नशे से मुक्त बनाने के उद्देश्य से 13 नवंबर को मंडी में एंटी चिट्टा जागरूकता वॉकथॉन प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू...

पूरा पढ़ें (Read More) →
बीबीएमबी मामले पर विक्रमादित्य सिंह बोले- वीरभद्र सिंह ने शुरू की थी हिमाचल के हक की लड़ाई, चंडीगढ़ में भी जारी रहेगी हिस्सेदारी की मांग

बीबीएमबी मामले पर विक्रमादित्य सिंह बोले- वीरभद्र सिंह ने शुरू की थी हिमाचल के हक की लड़ाई, चंडीगढ़ में भी जारी रहेगी हिस्सेदारी की मांग

लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बीबीएमबी में हिमाचल की हिस्सेदारी को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि इस कानूनी लड़ाई क...

पूरा पढ़ें (Read More) →
BBMB मामले में हिमाचल को बड़ी जीत, हर साल 600 से 1000 करोड़ रुपये का होगा फायदा: हर्षवर्धन चौहान

BBMB मामले में हिमाचल को बड़ी जीत, हर साल 600 से 1000 करोड़ रुपये का होगा फायदा: हर्षवर्धन चौहान

उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने BBMB मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को हिमाचल की बड़ी जीत बताया है। उनके अनुसार प्रदेश को 11,975 मिलियन यूनिट बिजली की बका...

पूरा पढ़ें (Read More) →

इससे पहले और बाद की खबरें