मंडी
'पहाड़ों की वाराणसी' के नाम से विख्यात मंडी नगर की स्थापना के 500 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में इस वर्ष का अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव (16 फरवरी से 22 फरवरी) ऐतिहासिक और भव्य होने जा रहा है। जिला उपायुक्त (DC) अपूर्व देवगन और पुलिस अधीक्षक (SP) विनोद कुमार ने मेले की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तृत जानकारी साझा की।
इस बार मेले को केवल एक धार्मिक आयोजन तक सीमित न रखकर इसे साहित्य, कला और विरासत के उत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। मंडी शहर के 500 साल पूरे होने पर विशेष 'हेरिटेज वॉक' और प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा, जो शहर की स्थापना से लेकर अब तक के सफर को दर्शाएगी।
14 फरवरी को संकन गार्डन में पहली बार साहित्य उत्सव होगा। इसमें देश-विदेश के लेखक, इतिहासकार (जैसे राजा भसीन) और पत्रकार जुटेंगे। 'किस्मों की विरासत' और 'हिमाचली लोक साहित्य' जैसे विषयों पर गंभीर चर्चा होगी।
पिछले वर्ष की सफलता के बाद, इस बार भी ब्यास नदी के तट पर भव्य 'ब्यास आरती' का आयोजन किया जाएगा। प्रशासन इसके लिए विशेष घाट और सजावट की व्यवस्था कर रहा है। 20 फरवरी को एक भव्य सांस्कृतिक परेड निकाली जाएगी, जिसमें देश-विदेश के लगभग 33 सांस्कृतिक दल हिस्सा लेंगे।
यह परेड स्थानीय देव संस्कृति और वैश्विक कला का अद्भुत मेल होगी। मेला मैदान में 'मंडी आर्ट फेस्टिवल' के तहत स्थानीय हस्तशिल्प, मंडी सिल्क और प्रसिद्ध मंडी कलम (पेंटिंग) का प्रदर्शन किया जाएगा।
SP विनोद कुमार ने बताया कि मेले के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं पूरे मंडी शहर और पड्डल मैदान की निगरानी तीसरी आँख (CCTV) और ड्रोन के जरिए की जाएगी।बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए विशेष पार्किंग स्थल चिह्नित किए गए हैं ताकि शहर में जाम की स्थिति न बने।
देवी-देवताओं के साथ आने वाले देवलुओं और उनके गहनों की सुरक्षा के लिए विशेष पुलिस दस्ते तैनात रहेंगे।
मंडी का शिवरात्रि महोत्सव हमारी अटूट देव आस्था और समृद्ध संस्कृति का प्रतीक है। इस बार हम मंडी के 500 साल के इतिहास को संजोने के साथ-साथ युवाओं को फोटोग्राफी, रील मेकिंग और साहित्य उत्सव जैसी प्रतियोगिताओं के जरिए इस उत्सव से जोड़ रहे हैं।