देवभूमि कुल्लू में अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव की रौनक बढ़ने लगी है। देव महाकुंभ में शामिल होने के लिए करीब 200 देवी-देवता अपने देवालयों से भगवान रघुनाथ की नगरी कुल्लू के लिए रवाना हो चुके हैं। भगवान रघुनाथ की भव्य रथयात्रा के साथ 21 अक्टूबर को उत्सव का शुभारंभ होगा।
ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की गूंज के बीच देवलुओं के साथ देवी-देवताओं की यात्रा जारी है। अब तक चार देवता ढालपुर पहुंच चुके हैं। वहीं, बिजली महादेव, शृंगा ऋषि, खुडीजल और व्यास ऋषि समेत कई देवी-देवताओं ने अपनी यात्रा का बड़ा हिस्सा तय कर लिया है।
रोजाना 40 से 50 किलोमीटर का पैदल सफर
अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव में शामिल होने के लिए देवी-देवता रोजाना 40 से 50 किलोमीटर तक पैदल सफर कर रहे हैं। कई देवी-देवता 150 से 200 किलोमीटर की यात्रा पूरी करके कुल्लू पहुंचेंगे। दशहरा उत्सव समिति की ओर से जिले के 347 देवी-देवताओं को निमंत्रण दिया गया है।
मंगलवार शाम तक बड़ी संख्या में देवी-देवताओं के ढालपुर पहुंचने की उम्मीद है। वहीं, मनाली से माता हिडिंबा भी मंगलवार को कुल्लू दशहरा उत्सव में शामिल होने के लिए प्रस्थान करेंगी। देवी-देवताओं के आगमन के साथ ही ढालपुर में देव महाकुंभ की रौनक और बढ़ने लगी है।
27 अक्टूबर तक चलेगा उत्सव, सुरक्षा में तैनात होंगे 1200 पुलिस जवान
अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव 27 अक्टूबर तक चलेगा। आयोजन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जा रही है। उत्सव के दौरान 1200 पुलिस जवान तैनात रहेंगे, ताकि कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके।
उत्सव में सोने-चांदी के मुखौटों से सजे देवरथों के शिविरों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। भगवान रघुनाथ की रथयात्रा से शुरू होने वाले इस आयोजन में देवी-देवताओं के आगमन के साथ कुल्लू में दशहरा उत्सव का पारंपरिक और धार्मिक माहौल बनने लगा है।
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