कुल्लू।
देवभूमि हिमाचल में मानसून की भारी बारिश अब आफत बनकर बरस रही है। जिला कुल्लू के बंदरोल क्षेत्र में लगातार हो रहे भूस्खलन (Landslide) ने स्थानीय प्रशासन और निवासियों की चिंता बढ़ा दी है। ताजा घटनाक्रम में, जवाहर नवोदय विद्यालय के समीप स्थित एक निजी रिजॉर्ट पर पहाड़ी खिसकने के कारण भारी खतरा पैदा हो गया है।
पिछले कुछ दिनों से जारी मूसलाधार बारिश के चलते पहाड़ियों की मिट्टी पूरी तरह नरम होकर कटनी शुरू हो गई है। बंदरोल के पास जमीन धंसने और मिट्टी खिसकने के कारण रिजॉर्ट के बिल्कुल नजदीक तक मलबा पहुँच गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रिजॉर्ट और आसपास के भवनों की सुरक्षा पर बड़ा सवालिया निशान लग गया है।
भूस्खलन की इन घटनाओं से इलाके में खौफ का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहाड़ी से पत्थर और मलबा गिरने का सिलसिला रुक-रुक कर जारी है। यदि बारिश इसी तरह जारी रही, तो किसी भी समय बड़ा भूस्खलन रिजॉर्ट और अन्य रिहायशी ढांचों को अपनी चपेट में ले सकता है।
प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया है। आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और असुरक्षित भवनों से दूर रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि खतरा और बढ़ता है, तो एहतियात के तौर पर क्षेत्र को तुरंत खाली करवा लिया जाएगा। लोक निर्माण विभाग और राजस्व विभाग की टीमें स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
कुल्लू-मनाली नेशनल हाईवे के आसपास हो रहे इन भूस्खलनों को देखते हुए पर्यटकों को भी संवेदनशील इलाकों में न रुकने की हिदायत दी गई है। नदी किनारे और ढलान वाले क्षेत्रों में बने भवनों को विशेष रूप से चिन्हित किया जा रहा है।