56 सदस्यीय नई जिला कांग्रेस कमेटी को लेकर जताई आपत्ति, ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों को भंग करने पर भी सवाल; केंद्र की ‘इवेंट मैनेजमेंट’ नीति पर साधा निशाना
किन्नौर कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव को लेकर पार्टी के भीतर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने नई जिला कांग्रेस कमेटी (DCC) के गठन पर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुरानी कार्यकारिणी के नेताओं को दरकिनार करते हुए 56 सदस्यों की नई कमेटी का गठन किया गया है। इसके साथ ही उन्होंने ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों को भंग किए जाने पर भी आपत्ति जताई।
जगत सिंह नेगी ने आरोप लगाया कि नई DCC में किन्नौर के पुराने और सक्रिय कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया है। उनका दावा है कि नई कमेटी में ऐसे कई लोगों को शामिल किया गया है, जो पहले संगठन में सक्रिय नहीं रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ब्लॉक कांग्रेस कमेटियां पहले से काम कर रही थीं और DCC का गठन बाद में हुआ, ऐसे में दोनों स्तरों के संगठनात्मक ढांचे को एक साथ भंग किए जाने पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
कांग्रेस नेता ने अपने परिवार और किन्नौर में पार्टी के पुराने संगठनात्मक आधार का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने क्षेत्र में दशकों की मेहनत के बाद अपना संगठनात्मक आधार तैयार किया है। जगत सिंह नेगी ने नई DCC के गठन की प्रक्रिया को लेकर पार्टी के भीतर लोकतांत्रिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाए।
वहीं, जगत सिंह नेगी ने केंद्र सरकार की कार्यशैली को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में बेरोजगारी और महंगाई जैसे गंभीर मुद्दों पर प्रभावी काम करने के बजाय कई विषयों को ‘इवेंट’ के तौर पर पेश किया जा रहा है।
कोविड काल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उस समय भी लोगों से ताली और थाली बजाने की अपील की गई थी। उन्होंने ऐसी राजनीति को सरकार की सोच से जोड़ते हुए कहा कि इससे देश विकास की दिशा में आगे बढ़ने के बजाय पीछे जा सकता है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं को लेकर भी सवाल उठाए। जगत सिंह नेगी ने आरोप लगाया कि विदेशों में बसे भारतीयों को कार्यक्रमों में जुटाकर प्रधानमंत्री के समर्थन में नारे लगवाए जाते हैं और इसे ‘इवेंट मैनेजमेंट’ का हिस्सा बताया जाता है।
इसके साथ ही उन्होंने महात्मा गांधी और पंडित जवाहरलाल नेहरू के विदेश दौरों का उदाहरण देते हुए कहा कि उस दौर के नेताओं की पहचान उनके काम और विचारों से होती थी।
जगत सिंह नेगी ने विदेश नीति और पड़ोसी देशों के साथ भारत के संबंधों को लेकर भी केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उनके इन बयानों के बाद किन्नौर कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव और पार्टी की कार्यप्रणाली को लेकर सियासी चर्चा तेज हो गई है।
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