कांगड़ा के फतेहपुर में 63 वर्षीय बुजुर्ग को धनशोधन की जांच और संपत्ति जब्त करने का डर दिखाया, पुलिस ने दर्ज किया मामला
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के फतेहपुर में साइबर ठगी का मामला सामने आया है। यहां साइबर ठगों ने सर्वोच्च न्यायालय, प्रवर्तन निदेशालय (ED) और दिल्ली पुलिस के अधिकारी बनकर 63 वर्षीय बुजुर्ग से 23,46,721 रुपये ठग लिए।
आरोपियों ने धनशोधन के मामले में फंसाने और संपत्ति जब्त करने का डर दिखाकर कथित जांच के नाम पर रकम अपने बताए बैंक खाते में जमा करवाई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दिल्ली पुलिस का अधिकारी बनकर किया फोन
पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, 16 सितंबर को पीड़ित के मोबाइल फोन पर एक व्यक्ति का फोन आया। उसने अपना नाम विजय खन्ना बताया और खुद को दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताया। आरोपी ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय से प्रवर्तन निदेशालय को पीड़ित के खिलाफ शिकायत मिली है। उसने दिल्ली के केनरा बैंक में पीड़ित के नाम पर खुले खाते के माध्यम से धनशोधन किए जाने का आरोप लगाया।
बुजुर्ग ने ऐसे किसी बैंक खाते या लेनदेन से इन्कार किया, लेकिन आरोपी ने मामले को गंभीर बताते हुए उन्हें डराना शुरू कर दिया।
वीडियो कॉल पर भेजे फर्जी समन और अदालती आदेश
शिकायत के मुताबिक, इसके बाद आरोपियों ने खुद को सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश, प्रवर्तन निदेशालय का अधिकारी और अधिवक्ता बताकर व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल की। उन्होंने कथित समन और अदालती आदेश भेजकर धमकी दी कि सहयोग नहीं करने पर बुजुर्ग की संपत्ति जब्त कर ली जाएगी।
आरोपियों ने दावा किया कि जांच लगभग 80 प्रतिशत पूरी हो चुकी है और 23,46,721 रुपये संदिग्ध राशि है। उन्होंने रकम के सत्यापन का हवाला देते हुए बुजुर्ग को यह राशि दो दिन के लिए अपने बताए बैंक खाते में जमा करने को कहा। साथ ही, बाद में पूरी रकम वापस लौटाने का भरोसा दिया।
23.46 लाख रुपये जमा करवाए, फिर मांगे 5.50 लाख
आरोपियों की धमकियों से घबराकर बुजुर्ग ने 30 सितंबर को 23,46,721 रुपये बताए गए बैंक खाते में स्थानांतरित कर दिए। इसके बाद दो अक्तूबर को आरोपियों ने चालान जारी करने और अधिवक्ता की फीस के नाम पर 5.50 लाख रुपये और मांगे।
पहले जमा करवाई गई रकम की रसीद मांगने पर आरोपियों ने सात अक्तूबर को व्हाट्सएप के माध्यम से एक रसीद भेजी। इसके बाद पीड़ित को अपने साथ धोखाधड़ी होने का संदेह हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई।
प्राथमिकी दर्ज, बैंक खातों की जांच जारी
इस मामले में धर्मशाला साइबर अपराध पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। सहायक पुलिस अधीक्षक कुलदीप कुमार के अनुसार, मामले में बैंक खातों की जांच की जा रही है। पुलिस संबंधित लेनदेन और आरोपियों की पहचान का पता लगाने में जुटी है।
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