भाजपा सांसद ने कहा- समाज के ठेकेदार दोहरे मापदंड न अपनाएं, हिंदू बेटियों को अपने फैसले लेने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए
भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने एक बार फिर अपने बयान को लेकर राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। संसद सत्र के लिए रवाना होते समय साझा किए गए एक वीडियो संदेश में कंगना ने कथित वामपंथी विचारकों और समाज के उन लोगों पर निशाना साधा, जिन्हें उन्होंने "समाज के ठेकेदार" बताया।
कंगना रनौत ने कहा कि हर व्यक्ति को अपनी सोच, विचारधारा और जीवनशैली चुनने का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग दूसरों की वैचारिक स्वतंत्रता को स्वीकार नहीं करते और अलग सोच रखने वालों पर सवाल उठाते हैं।
फिल्म इंडस्ट्री और वैचारिक बदलाव पर कही बात
कंगना ने फिल्म इंडस्ट्री का जिक्र करते हुए कहा कि कई कलाकार शुरुआत में राजनीति और धर्म को लेकर तटस्थ रहते हैं, लेकिन समय के साथ उनके विचार बदलते हैं। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की सोच में बदलाव को लेकर समाज को सवाल खड़े करने के बजाय उसके अधिकारों का सम्मान करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि संविधान हर नागरिक को अपनी विचारधारा चुनने की आजादी देता है, लेकिन जब कोई व्यक्ति हिंदू विचारधारा या अपनी धार्मिक पहचान को लेकर खुलकर बात करता है तो कई बार उसे आलोचना का सामना करना पड़ता है।
खुद के वैचारिक बदलाव पर दिया जवाब
कंगना रनौत ने कहा कि उन पर अक्सर सवाल उठाए जाते हैं कि वह कब से एक विशेष विचारधारा से जुड़ गईं। उन्होंने कहा कि पहले वह एक सामान्य और उदार हिंदू सोच रखती थीं, लेकिन समय के साथ उनकी विचारधारा में बदलाव आया।
उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति खुद को बदलकर किसी विचारधारा से जुड़ना चाहता है और एक अनुशासित जीवनशैली अपनाना चाहता है, तो उसे इसके लिए स्वतंत्रता होनी चाहिए।
हिंदू बेटियों को लेकर रखी अपनी बात
कंगना ने कहा कि महिलाओं को भी अपने जीवन और विचारों से जुड़े फैसले लेने की पूरी आजादी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी के अतीत को आधार बनाकर उसकी वर्तमान सोच या फैसलों पर सवाल नहीं उठाए जाने चाहिए।
उन्होंने दोहराया कि समाज को हर व्यक्ति की वैचारिक स्वतंत्रता का सम्मान करना चाहिए।
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