धर्मशाला।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड (HPBOSE) की वार्षिक परीक्षाओं के सफल संचालन के बाद अब बोर्ड का पूरा ध्यान समय पर परीक्षा परिणाम घोषित करने पर है। बोर्ड के चेयरमैन डॉ.
राजेश शर्मा ने वीरवार को धर्मशाला में आयोजित एक प्रेस वार्ता में बताया कि इस वर्ष परीक्षाओं के दौरान नकल के मामलों में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जो बोर्ड की सख्ती और अभियानों की सफलता को दर्शाता है।
नकल के मामलों में 80% की कमी
चेयरमैन ने आंकड़ों के जरिए बताया कि बोर्ड के 'नकल विरोधी अभियान' के सार्थक परिणाम मिले हैं।
आज से शुरू हुआ मूल्यांकन: 5000 से अधिक शिक्षक तैनात
परीक्षाओं के संपन्न होने के बाद आज यानी 2 अप्रैल से उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन का पहला चरण शुरू हो गया है। इसके लिए प्रदेश भर में 41 केंद्र बनाए गए हैं। मूल्यांकन प्रक्रिया को सुचारू और निष्पक्ष बनाने के लिए बोर्ड ने विशेष निगरानी कमेटियां गठित की हैं।
जमा दो (12वीं) के पेपर चेकिंग के लिए 2130 शिक्षक नियुक्त किए गए हैं। दसवीं के मूल्यांकन के लिए 2900 शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है।
दो चरणों में होगी चेकिंग
डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि मूल्यांकन कार्य दो चरणों में पूरा किया जाएगा। इसमें 12वीं के मुख्य विषयों जैसे संस्कृत, अंग्रेजी, इकोनॉमिक्स, फिजिक्स, हिंदी, अकाउंटेंसी व बायोलॉजी और 10वीं के अंग्रेजी, हिंदी, गणित व साइंस की कॉपियां जांची जाएंगी। यह प्रक्रिया 16 अप्रैल से शुरू होगी।
करियर काउंसलिंग की नई पहल
बोर्ड केवल परीक्षा और परिणाम तक ही सीमित नहीं रहेगा। चेयरमैन ने घोषणा की कि अब हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड विद्यार्थियों के लिए करियर काउंसलिंग भी शुरू करेगा, ताकि छात्र अपने भविष्य के लिए सही दिशा का चुनाव कर सकें।
हमारा मुख्य ध्येय 30 अप्रैल से पहले दसवीं और बारहवीं दोनों कक्षाओं का परीक्षा परिणाम घोषित करना है। मूल्यांकन केंद्रों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है ताकि गुणवत्ता और पारदर्शिता बनी रहे।" — डॉ. राजेश शर्मा, चेयरमैन (HPBOSE)