शिमला
हिमाचल प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से जारी शुष्क मौसम और बढ़ती गर्मी के बीच वीरवार को मौसम ने अचानक करवट बदल ली है। जनजातीय जिले लाहौल-स्पीति की ऊंची चोटियों पर ताजा बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है, जबकि पर्यटन नगरी मनाली और आसपास के क्षेत्रों में हल्की बारिश दर्ज की गई है।
इस बदलाव से पूरे उत्तर भारत में तापमान में गिरावट आई है और लोगों को समय से पहले पड़ रही गर्मी से बड़ी राहत मिली है।
लाहौल घाटी में सुबह से ही आसमान बादलों से घिरा रहा और दोपहर होते-होते रोहतांग दर्रा, शिंकुला, बारालाचा और कुंजम दर्रे पर बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है। ताजा हिमपात और फिसलन के कारण प्रशासन ने एहतियात के तौर पर मनाली-लेह मार्ग को जिस्पा से आगे वाहनों के लिए बंद कर दिया है।
घाटी के किसानों के लिए यह बारिश और बर्फबारी संजीवनी की तरह है, क्योंकि लंबे समय से सूखे के कारण लहसुन और गेहूं की फसल प्रभावित हो रही थी।
मनाली शहर और आसपास की घाटी में हल्की बारिश होने से मौसम सुहावना हो गया है। मार्च महीने में बर्फबारी का आनंद लेने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक अटल टनल और कोकसर का रुख कर रहे हैं।
मौसम विभाग (IMD) ने 12 मार्च को प्रदेश के 5 जिलों—शिमला, कुल्लू, मंडी, कांगड़ा और चंबा के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। यहाँ गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि और 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
ताजा बारिश और बर्फबारी के कारण अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। केलांग में न्यूनतम तापमान 2°C तक गिर गया है, जबकि शिमला और मनाली में भी ठंडक बढ़ गई है।
मौसम विभाग शिमला के अनुसार, प्रदेश में 17 मार्च तक मौसम खराब रहने का अनुमान है। 13 मार्च को हल्की राहत के बाद 14 और 15 मार्च को एक बार फिर से पूरे प्रदेश में बारिश और बर्फबारी का नया दौर शुरू हो सकता है।