पौवारी ग्राम पंचायत के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई, कोर्ट ने सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत यात्रा संचालन सुनिश्चित करने को कहा
हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने किन्नौर कैलाश यात्रा को लेकर बड़ा फैसला सुनाते हुए पौवारी ग्राम पंचायत के उस प्रस्ताव पर अंतरिम रोक लगा दी है, जिसमें यात्रा को स्थायी रूप से प्रतिबंधित करने की बात कही गई थी।
न्यायमूर्ति ज्योत्सना रेवाल दुआ की पीठ ने प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि यात्रा का संचालन सभी कानूनी प्रावधानों और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए जारी रखा जाए। साथ ही अदालत ने पौवारी ग्राम पंचायत को यात्रा के संचालन में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप करने से रोक दिया है।
दो पंजीकृत संस्थाओं ने दायर की थी याचिका
यह मामला श्री प्रकाशंकरस किन्नर कैलाश यात्रा और एक अन्य पंजीकृत संस्था की ओर से दायर याचिका के बाद सामने आया।
याचिकाकर्ता संस्थाएं हिमाचल प्रदेश सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, 2006 के तहत पंजीकृत हैं और किन्नौर जिला प्रशासन के निर्देशों के अनुसार हर वर्ष किन्नर कैलाश यात्रा का आयोजन करती हैं।
याचिकाकर्ताओं ने पौवारी ग्राम पंचायत द्वारा 13 जुलाई 2026 को पारित उस प्रस्ताव को चुनौती दी थी, जिसमें यात्रा को स्थायी रूप से बंद करने और संबंधित संस्था को भंग करने की बात कही गई थी।
पंचायत के अधिकार पर उठाया सवाल
याचिकाकर्ताओं का कहना था कि ग्राम पंचायत के पास किसी पंजीकृत संस्था को भंग करने या धार्मिक यात्रा को रोकने का कानूनी अधिकार नहीं है।
याचिका में बताया गया कि ग्राम पंचायत ने ग्राम सभा बैठक के बाद यह प्रस्ताव पारित किया था। पंचायत के अनुसार, यात्रा रोकने के पक्ष में 112 लोगों ने समर्थन किया, जबकि 62 हस्ताक्षर इसके विरोध में थे।
प्रशासनिक स्तर पर पहले ही लिया गया था यात्रा का फैसला
याचिका में कहा गया कि राज्य सरकार ने 12 जून को उच्च स्तरीय समिति की बैठक के बाद किन्नौर कैलाश यात्रा आयोजित करने का निर्णय लिया था।
इसके बाद यात्रा 1 जुलाई 2026 से शुरू हुई, जो 30 जुलाई तक प्रस्तावित है। जरूरत पड़ने पर प्रशासन इसकी अवधि बढ़ा सकता है।
याचिकाकर्ताओं ने कहा कि किन्नौर कैलाश यात्रा प्राचीन समय से आयोजित होती आ रही है और इसमें देशभर से विभिन्न क्षेत्रों व समुदायों के श्रद्धालु शामिल होते हैं।
हाईकोर्ट ने प्रशासन को सौंपी जिम्मेदारी
उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार के संबंधित अधिकारियों को यात्रा सुचारू रूप से संचालित करने के निर्देश दिए हैं।
कोर्ट ने जिन अधिकारियों को जिम्मेदारी दी है, उनमें:
शामिल हैं।
अदालत ने कहा कि यात्रा के दौरान कानून व्यवस्था और सुरक्षा मानकों का पूरा पालन सुनिश्चित किया जाए।
अगली सुनवाई 10 अगस्त को
हाईकोर्ट के इस अंतरिम आदेश के बाद अब किन्नौर कैलाश यात्रा पहले की तरह जारी रहेगी। मामले की अगली सुनवाई 10 अगस्त 2026 को निर्धारित की गई है।
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