एकमुश्त निपटान योजना के तहत 3 लाख रुपये तक के कृषि ऋण पर 50% ब्याज माफी, 6300 से अधिक परिवारों को मिलेगा लाभ
हिमाचल प्रदेश के किसानों और बागवानों के लिए राहत भरी खबर है। हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक ने ऋणधारकों के लिए एकमुश्त निपटान (OTS) योजना शुरू करने की घोषणा की है। इस योजना के तहत पुराने ऋण मामलों का निपटारा कर किसानों को ब्याज में बड़ी राहत दी जाएगी।
बैंक के चेयरमैन संजय सिंह चौहान ने पत्रकार वार्ता के दौरान योजना की जानकारी देते हुए बताया कि इसका उद्देश्य किसानों, बागवानों और अन्य ऋणधारकों को आर्थिक बोझ से राहत दिलाना है।
घाटे से उभरकर मजबूत स्थिति में पहुंचा बैंक
संजय सिंह चौहान ने बताया कि पिछले 10 वर्षों से घाटे में चल रहा सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक अब पूरी तरह लाभ की स्थिति में आ गया है।
उन्होंने कहा कि बैंक ने जमा के मामले में देश के 16 प्रमुख कृषि बैंकों में बेहतर स्थान हासिल किया है। उन्होंने बताया कि पूर्व में केंद्र सरकार की ओर से बैंक के परिसमापन (लिक्विडेशन) का प्रस्ताव आया था, जिससे करीब 350 कर्मचारियों और हजारों ऋणधारकों का भविष्य प्रभावित हो सकता था।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के समय पर हस्तक्षेप और 400 करोड़ रुपये की सरकारी गारंटी से बैंक को मजबूती मिली और इसे नई दिशा मिली।
छह महीने तक लागू रहेंगी OTS योजनाएं
चेयरमैन ने बताया कि 31 मार्च 2025 तक के पुराने बकाया मामलों के निपटारे के लिए तीन नई OTS योजनाएं शुरू की गई हैं। इन योजनाओं की आधिकारिक अधिसूचना जारी हो चुकी है और ये छह महीने तक प्रभावी रहेंगी।
योजना के प्रमुख प्रावधानों के अनुसार:
3 लाख रुपये तक के कृषि ऋण लेने वाले किसानों और बागवानों को 50 प्रतिशत ब्याज माफी मिलेगी।
इस ब्याज माफी का वित्तीय भार राज्य सरकार उठाएगी।
वर्ष 2016 तक के पुराने बकाया मामलों में 25 प्रतिशत तक की अतिरिक्त छूट का प्रावधान किया गया है।
200 करोड़ रुपये के ऋण मामलों के निपटारे का लक्ष्य
बैंक के अनुसार OTS योजना के माध्यम से करीब 200 करोड़ रुपये के मूलधन वाले मामलों का निपटारा होने की संभावना है।
इन मामलों में लगभग 48 से 50 करोड़ रुपये ब्याज की राशि शामिल है। इसमें से करीब 24 करोड़ रुपये की ब्याज राशि राज्य सरकार द्वारा माफ की जाएगी, जबकि शेष राशि ऋणधारकों को जमा करनी होगी।
बैंक प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि अत्यंत गंभीर परिस्थितियों को छोड़कर किसी भी ऋणधारक की संपत्ति की नीलामी या बिक्री नहीं की जाएगी।
6300 से अधिक किसान परिवारों को मिलेगा लाभ
इस योजना से प्रदेश के करीब 6300 से अधिक किसान परिवारों और खाताधारकों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
इसमें:
राज्य सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के नौ जिलों के करीब 5000 खाते
कांगड़ा प्राइमरी बैंक के कांगड़ा, हमीरपुर और ऊना जिलों के लगभग 1300 खाते
शामिल हैं।
घर-घर पहुंचाई जाएगी योजना की जानकारी
चेयरमैन संजय सिंह चौहान ने बताया कि योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए बैंक कर्मचारी घर-घर जाकर ऋणधारकों को इसकी जानकारी देंगे।
उन्होंने मीडिया से भी अपील की कि इस जनहितकारी योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि प्रदेश के अधिक से अधिक किसान और बागवान ब्याज माफी एवं छूट का लाभ लेकर कर्ज के बोझ से राहत पा सकें।
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