मंडी।
"मैंने तो बस यह पूछने के लिए फोन किया था कि पैसे खाते में आए या नहीं, लेकिन बदले में जो सुना उसने मेरी दुनिया उजाड़ दी।" ये शब्द उस पिता के हैं, जिसकी 19 वर्षीय बेटी सिया की गोपालपुर के बैंजी गांव में बेरहमी से हत्या कर दी गई।
बद्दी में ट्रक चालक के रूप में काम करने वाले जोगेंद्र सिंह ने जब घर फोन किया, तो दूसरी तरफ से आई चीख ने उन्हें सुन्न कर दिया— जल्दी घर आ जाओ, हमारी सिया को काट दिया है।
इस जघन्य हत्याकांड ने न केवल एक परिवार को तबाह कर दिया है, बल्कि पूरे हिमाचल को झकझोर दिया है। दिवंगत छात्रा के पिता जोगेंद्र सिंह और माता रक्षा देवी ने सरकार और समाज से एक ही अपील की है "हमने अपनी बेटी खो दी, अब किसी और के साथ ऐसा न हो।"
बीते सोमवार को नेरचौक मेडिकल कॉलेज में पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मुलाकात के दौरान पिता अपने आंसू नहीं रोक पाए। उन्होंने रुंधे गले से कहा कि वे अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए आखिरी सांस तक लड़ेंगे।
पीड़ित परिवार ने इस घटना के पीछे युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को मुख्य कारण बताया है। माता रक्षा देवी ने नम आंखों से समाज से आह्वान किया यह सिर्फ हमारी बेटी की बात नहीं है, यह प्रदेश की हर बेटी की सुरक्षा की लड़ाई है। जब तक दोषियों को ऐसी सजा नहीं मिलती जिससे दूसरों की रूह कांप जाए, तब तक हम शांत नहीं बैठेंगे। नशे के इस दानव को जड़ से खत्म करना होगा।"
हत्या से कुछ समय पहले ही पिता ने बेटी के खाते में पैसे भेजे थे और फोन पर उससे बात की थी। बैंजी गांव और आसपास के इलाकों में माहौल तनावपूर्ण है। ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि दिन-दहाड़े कॉलेज छात्राएं सुरक्षित क्यों नहीं हैं? परिजन और स्थानीय लोग मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई और आरोपी को सख्त से सख्त सजा देने की मांग कर रहे हैं।