कांगड़ा
हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा के देहरा बस स्टैंड पर वीरवार शाम एक मासूम बच्चे के अपहरण की कोशिश का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बस चालक की तत्परता और स्थानीय लोगों की सूझबूझ से एक बड़ी वारदात होने से टल गई। पुलिस ने इस मामले में हरियाणा के रोहतक निवासी दो युवकों को हिरासत में लिया है।
मां सामान लेने गई, पीछे से आरोपी ने डाला डोरा
घटना शाम करीब सवा चार बजे की है। ज्वालामुखी की ओर से आई एक निजी बस में लगड़ू निवासी एक महिला अपने छह साल के बेटे के साथ यात्रा कर रही थी। देहरा बस अड्डे पर पहुँचने के बाद महिला अपने बेटे को बस की सीट पर ही छोड़कर कुछ जरूरी सामान लेने नीचे उतरी।
इसी बीच बस में ताक लगाए बैठे एक व्यक्ति ने पहले महिला का बैग उठाया और फिर बच्चे को फुसलाकर अपने साथ ले जाने की कोशिश करने लगा।
बस चालक की सूझबूझ और भीड़ का गुस्सा
बस चालक ने जैसे ही एक अनजान व्यक्ति को बच्चे और बैग के साथ संदिग्ध अवस्था में देखा, उसने तुरंत शोर मचा दिया। चालक ने फुर्ती दिखाते हुए आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया। शोर सुनकर बस अड्डे पर मौजूद भीड़ इकट्ठा हो गई और आरोपी की जमकर धुनाई कर दी। इसी दौरान उसका दूसरा साथी बस के पिछले दरवाजे से कूदकर भागने में सफल रहा।
नाले में छिपा था दूसरा आरोपी, पुलिस ने दबोचा
सूचना मिलते ही देहरा पुलिस की टीम मौके पर पहुँची। पुलिस ने घेराबंदी करते हुए दूसरे फरार आरोपी को आयुर्वेदिक अस्पताल के पास स्थित एक नाले से ढूंढ निकाला। पुलिस ने दोनों आरोपियों की पहचान वजीर कुमार और बंटी, निवासी रोहतक (हरियाणा) के रूप में की है।
पुलिस की कार्रवाई
थाना प्रभारी अजय सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पीड़ित महिला ने फिलहाल बैग चुराने और बच्चे को ले जाने की कोशिश की शिकायत दर्ज करवाई है। पुलिस दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे किसी बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का हिस्सा तो नहीं हैं।