कोलकाता में अमित शाह का आगमन, बंगाल के नए मुख्यमंत्री पर आज फैसला
पश्चिम बंगाल की सियासी हलचल आज अपने चरम पर पहुंच गई है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह कोलकाता पहुंच चुके हैं और दोपहर 2 बजे भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक होनी है।
इस बैठक में राज्य के अगले मुख्यमंत्री के नाम का औपचारिक ऐलान किया जाएगा। चर्चा यह है कि बीजेपी राज्य में पहली बार अपनी सरकार बनाने जा रही है और यह ऐतिहासिक पल पार्टी के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार शुभेंदु अधिकारी का मुख्यमंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है। नंदीग्राम से टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी को हराने वाले शुभेंदु, बीजेपी के सबसे मजबूत चेहरे के रूप में उभरे हैं।
पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने उन्हें जिम्मेदारी सौंपने का मन बना लिया है। इसके साथ ही, दो डिप्टी सीएम बनाए जाने की भी संभावना जताई जा रही है, जिनमें से एक उत्तर बंगाल से हो सकता है ताकि क्षेत्रीय संतुलन कायम रखा जा सके।
इतिहास रचने को तैयार बीजेपी
यह पहली बार होगा जब पश्चिम बंगाल में बीजेपी सत्ता में आएगी। लंबे समय तक वामपंथी दलों और फिर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का गढ़ रहे इस राज्य में बीजेपी ने अपनी पैठ जमाने के लिए काफी संघर्ष किया है।
पिछले कई वर्षों से पार्टी ने यहां धार्मिक और सांस्कृतिक मुद्दों पर जोर देते हुए हिंदुत्व कार्ड खेला है। अब चुनावी जीत के बाद पार्टी इसे ‘नई सुबह’ के रूप में देख रही है।
कोलकाता स्थित पार्टी कार्यालय में सुबह से ही गहमागहमी बनी हुई है। विधायकों और शीर्ष नेताओं का आना-जाना जारी है। सूत्र बताते हैं कि मुख्यमंत्री पद को लेकर अंतिम मुहर खुद अमित शाह लगाएंगे, जो इस प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं। उनके अलावा जेपी नड्डा और अन्य वरिष्ठ नेता भी राज्य सरकार के स्वरूप को तय करने में जुटे हैं।
वहीं, बीजेपी सांसदों और विधायकों का दावा है कि बंगाल को ‘हिंदू हृदय सम्राट’ मिलेगा, जो न केवल विकास को प्राथमिकता देगा बल्कि राज्य की सांस्कृतिक पहचान को भी सशक्त करेगा। हालांकि विपक्षी दल टीएमसी ने इसे विभाजनकारी राजनीति करार दिया है और नए सरकार गठन को लेकर तीखी आलोचना की है।
आगे क्या?
आज दोपहर मुख्यमंत्री पद का औपचारिक ऐलान होते ही नए मंत्रिमंडल की तस्वीर भी साफ होने लगेगी। 9 मई को शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई बड़े नेता शामिल हो सकते हैं। सभी की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि बीजेपी अपनी पहली सरकार किस तरह से प्रारंभ करती है और क्या यह ममता बनर्जी युग का प्रभावी अंत साबित होगा।