मंदिर न्यास की बैठक में लिया फैसला, बजंत्री का मानदेय भी ₹1,500 से बढ़ाकर ₹3,000 किया; संपत्तियों के आकलन के लिए बनेगी चार सदस्यीय समिति
चंबा के ऐतिहासिक श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में धाम और भंडारे के आयोजन के लिए अब 11 हजार रुपये शुल्क देना होगा। मंदिर न्यास ने निर्धारित शुल्क 7 हजार रुपये से बढ़ाकर 11 हजार रुपये करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा मंदिर में कार्यरत बजंत्री का मासिक मानदेय भी 1,500 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये कर दिया गया है।
उपायुक्त मुकेश रेपसवाल की अध्यक्षता में बचत भवन चंबा में श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर न्यास के नवनियुक्त गैर-सरकारी सदस्यों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में मंदिर के संरक्षण, विकास, सौंदर्यीकरण और बेहतर प्रबंधन को लेकर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।
मंदिर की ऐतिहासिक विरासत को मिलेगी राष्ट्रीय पहचान
उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने कहा कि श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर लगभग एक हजार वर्ष पुरानी ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर है। मंदिर की विशिष्ट स्थापत्य कला, समृद्ध इतिहास और धार्मिक महत्व को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
उन्होंने न्यास के सभी सदस्यों से आपसी सहयोग और समन्वय के साथ मंदिर के संरक्षण एवं विकास के लिए काम करने का आह्वान किया।
उन्होंने चंबा शहर और आसपास के क्षेत्रों में स्थित अन्य प्राचीन मंदिरों के संरक्षण एवं बेहतर प्रबंधन की संभावनाएं तलाशने की बात भी कही। जिन मंदिरों की अपनी प्रबंधन समितियां नहीं हैं, उन्हें श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर न्यास से जोड़ने पर विचार किया जा सकता है।
न्यास की संपत्तियों का होगा आकलन
बैठक में मंदिर न्यास की दुकानों के साथ भूमि और अन्य आधारभूत संरचनाओं का विस्तृत आकलन करवाने का निर्णय लिया गया। इसके लिए चार सदस्यीय समिति गठित की जाएगी। यह समिति संबंधित संपत्तियों का निरीक्षण कर विस्तृत विवरण तैयार करेगी और आवश्यक सुझाव देगी।
इसके अलावा न्यास की दुकानों, स्टोर, भूमि और अन्य अचल संपत्तियों से प्राप्त किराये एवं आय की समीक्षा करने पर भी चर्चा की गई। बैठक में मंदिर के विकास, रखरखाव, धार्मिक गतिविधियों के विस्तार और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण को लेकर सदस्यों ने सुझाव दिए।
पुरातत्व विभाग के माध्यम से होंगे महत्वपूर्ण कार्य
बैठक में निर्णय लिया गया कि मंदिर परिसर में शौचालयों के निर्माण के अलावा अन्य महत्वपूर्ण कार्य भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के माध्यम से करवाए जाएंगे। इसका उद्देश्य मंदिर की मूल स्थापत्य शैली और ऐतिहासिक विरासत को सुरक्षित रखते हुए आवश्यक सुविधाओं का विकास करना है।
बैठक की कार्यवाही का संचालन एसडीएम चंबा चिराग शर्मा ने किया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक बलदेव दत्त, जिला भाषा अधिकारी तुकेश शर्मा, अधिशासी अभियंता विद्युत बोर्ड हंसराज चौहान, तहसीलदार भूपेंद्र कश्यप, सहायक अभियंता दिनेश कुमार, कनिष्ठ अभियंता नीतिका ठाकुर और मंदिर न्यास के गैर-सरकारी सदस्य उपस्थित रहे।
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