चम्बा
हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिला के चम्बा-कलौता रूट पर आज सुबह एक बड़ा बस हादसा होते-होते टल गया। सुंगल और लुडेरा के बीच स्थित एक बेहद तंग और तीखे मोड़ पर हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) की एक बस अचानक अनियंत्रित हो गई।
गनीमत यह रही कि सड़क किनारे लगे क्रैश बैरियर ने बस के वेग को संभाल लिया और वह नीचे गहरी खाई में गिरने से रुक गई। इस घटना के दौरान बस में करीब 50 यात्री सवार थे, जो पूरी तरह सुरक्षित हैं, लेकिन इस भयानक मंजर को देखकर सभी यात्रियों की सांसें अटक गईं।
नई छोटी बसों के रूट पर भेजने से ग्रामीणों में भारी रोष
इस खतरनाक घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों और बस में सफर कर रहे यात्रियों में एचआरटीसी प्रबंधन के खिलाफ भारी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि इस मार्ग के भौगोलिक ढांचे को समझे बिना विभाग द्वारा भेजी जा रही नई छोटी बसें यहां के तीखे मोड़ों पर बार-बार फंस रही हैं।
इन नई बसों की लंबाई अधिक है और इनका ग्राउंड क्लीयरेंस (जमीन से ऊंचाई) बेहद कम है, जिसके कारण मोड़ों को काटते समय बसें पांच से छह झटके खाती हैं और कई बार सड़क के निचले हिस्से व पत्थरों से बुरी तरह टकरा जाती हैं।
प्रबंधन पर लगा शिकायतों को नजरअंदाज करने का आरोप
स्थानीय निवासियों ने परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे इस गंभीर तकनीकी समस्या को लेकर कई बार क्षेत्रीय प्रबंधक (RM), एचआरटीसी से लिखित और मौखिक शिकायतें कर चुके हैं।
इसके बावजूद प्रबंधन द्वारा यात्रियों की सुरक्षा को ताक पर रखकर उनकी जायज मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। यात्रियों और ग्रामीणों का कहना है कि आज का यह वाक्या विभाग की इसी लापरवाही का नतीजा है, जिसने 50 मासूम जिंदगियों को मौत के मुंह में धकेल दिया था।
पुरानी पावर स्टीयरिंग बसों को दोबारा चलाने की मांग, चक्का जाम की चेतावनी
सड़क पर सुरक्षा के मद्देनजर यात्रियों और स्थानीय जनता ने पुरजोर मांग की है कि इस खतरनाक और संकरे मार्ग पर तुरंत इन अनुपयुक्त नई गाड़ियों को बंद किया जाए और इनके स्थान पर पहले से चल रही पुरानी पावर स्टीयरिंग बसों को ही दोबारा बहाल किया जाए।
ग्रामीणों ने एचआरटीसी को कड़े लहजे में चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का कोई स्थाई समाधान नहीं निकाला गया और रूट पर सुरक्षित बसें नहीं भेजी गईं, तो वे एचआरटीसी कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन चक्का जाम और उग्र प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।