बिलासपुर।
खेल के मैदानों में पसीना बहाकर प्रदेश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों के सामने इन दिनों एक अनोखी चुनौती खड़ी हो सकती है। यह चुनौती खिलाड़ियों को किसी विरोधी टीम से नहीं, बल्कि रसोई में खत्म होते गैस सिलिंडरों से पैदा हुई है। पश्चिम एशिया में बढ़े भू-राजनीतिक तनाव का असर अब हिमाचल के खेल छात्रावासों तक पहुंच गया है।
जानकारी के अनुसार बिलासपुर का यह खेल छात्रावास कबड्डी, मुक्केबाजी सहित विभिन्न खेलों के करीब 160 खिलाड़ियों का प्रशिक्षण केंद्र है। सामान्य परिस्थितियों में छात्रावास में कम से कम 15 गैस सिलिंडर बैकअप में रखे जाते थे, लेकिन गैस आपूर्ति बाधित होने के कारण अब यह संख्या घटकर मात्र तीन रह गई है। मौजूदा गैस भंडार से केवल दो दिन तक ही रसोई चल पाना संभव है।
स्थिति को देखते हुए छात्रावास प्रशासन ने वैकल्पिक योजना भी तैयार कर ली है। यदि मंगलवार तक गैस सिलिंडरों की नई खेप नहीं पहुंचती है, तो खिलाड़ियों को छुट्टी देकर घर भेजना पड़ सकता है। प्रशासन का कहना है कि खिलाड़ियों की डाइट और भोजन व्यवस्था से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता।
खेल छात्रावास के प्रभारी मनोज ठाकुर ने बताया कि अगर जल्द गैस की आपूर्ति नहीं होती है, तो केवल उन खिलाड़ियों को ही छात्रावास में रखा जाएगा जिनकी वार्षिक परीक्षाएं नजदीक हैं, जबकि बाकी खिलाड़ियों को घर भेजना पड़ेगा।
वहीं खाद्य आपूर्ति विभाग के नियंत्रक ब्रिजेंद्र पठानिया ने क्षेत्र में गैस की कमी की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि आपूर्ति प्रभावित हुई है, लेकिन खेल छात्रावास की इस समस्या को देखते हुए अगले 24 से 48 घंटों के भीतर समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है।