वार्ड-9 में तकनीकी मानकों की अनदेखी का आरोप, नगर परिषद ने 23 लाख रुपये वापस लेने और मामले की जांच की उठाई मांग
नगर परिषद बिलासपुर के वार्ड नंबर-9 में सीवरेज लाइन के ऊपर हैंडपंप लगाए जाने का मामला अब राजनीतिक रंग लेने लगा है। रविवार को परिधि गृह बिलासपुर में आयोजित पत्रकार वार्ता में नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष एवं जिला भाजपा प्रवक्ता कमल गौतम ने जल शक्ति विभाग पर तकनीकी मानकों की अनदेखी और पक्षपातपूर्ण तरीके से कार्य करने के गंभीर आरोप लगाए।
'चयनित स्थान छोड़ दूसरे स्थान पर लगाया हैंडपंप'
कमल गौतम ने बताया कि केंद्र सरकार से प्राप्त करीब तीन करोड़ रुपये की अनुदान राशि से शहर के प्रत्येक वार्ड में दो-दो हैंडपंप स्थापित किए जाने की योजना बनाई गई थी। पहले चरण में पांच हैंडपंप लगाए जाने थे, जिनके लिए नगर परिषद के पार्षदों द्वारा सुझाए गए स्थलों का हाइड्रोलॉजिस्ट से निरीक्षण करवाकर रिपोर्ट तैयार की गई थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग ने रिपोर्ट में चयनित स्थान की बजाय दूसरे स्थान पर हैंडपंप स्थापित कर दिया। उनका दावा है कि यह बदलाव एक कांग्रेस समर्थित व्यक्ति को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से किया गया।
'स्वास्थ्य से खिलवाड़ और तकनीकी नियमों का उल्लंघन'
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि हैंडपंप को सीवरेज लाइन के ऊपर स्थापित किया गया है, जो तकनीकी मानकों का उल्लंघन होने के साथ-साथ लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।
उन्होंने कहा कि नगर परिषद की बैठक में जल शक्ति विभाग को इस कार्य के लिए जारी 23 लाख रुपये वापस लेने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया है।
कमल गौतम ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने और संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की मांग की है।
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