बिलासपुर
महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर स्वारघाट क्षेत्र के बैहल गांव में आस्था का अनूठा रंग देखने को मिला। हरिद्वार से पैदल गंगाजल लेकर पहुंचे स्थानीय कांवड़ियों का ग्रामीणों ने पलक-पांवड़े बिछाकर स्वागत किया। 'बम-बम भोले' के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
फूलों की वर्षा और भव्य अगवानी
हरिद्वार की कठिन यात्रा पूरी कर जब युवा कांवड़िए अपने गृह क्षेत्र बैहल पहुंचे, तो स्थानीय निवासियों ने उन पर फूलों की वर्षा कर उनका अभिनंदन किया। श्रद्धालुओं के उत्साह को देखते हुए ग्रामीणों ने जगह-जगह उनका स्वागत किया और उनकी अटूट आस्था को नमन किया।
शिव मंदिर माजरा में किया जलाभिषेक
गंगाजल लेकर पहुंचे कांवड़ियों ने शिव मंदिर माजरा में जाकर विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने हरिद्वार से लाए पवित्र गंगाजल से भगवान शिव का अभिषेक किया और क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति व खुशहाली की मंगलकामना की। इस धार्मिक यात्रा को सफलतापूर्वक पूरा करने वालों में नवनीत कुमार, राजेश कुमार, अभिषेक, हरदेव और सुधीर सहित अन्य श्रद्धालु शामिल रहे।
युवाओं के समर्पण की सराहना
स्थानीय ग्रामीणों ने कांवड़ियों के समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि आज के दौर में युवाओं का धर्म और संस्कृति के प्रति ऐसा झुकाव प्रेरणादायक है। ग्रामीणों के अनुसार, ऐसे धार्मिक आयोजनों से समाज में न केवल सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, बल्कि आपसी एकता और भाईचारा भी सुदृढ़ होता है।