बिलासपुर
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर देवभूमि हिमाचल के शिवालय 'बम-बम भोले' के जयघोष से गुंजायमान हैं। इसी कड़ी में घुमारवीं उपमंडल के पन्याला स्थित प्राचीन द्वादश ज्योतिर्लिंग शिव मंदिर में श्रद्धा का अनूठा संगम देखने को मिला। यहाँ अलसुबह से ही श्रद्धालु लंबी कतारों में लगकर महादेव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए।
7 किलो चांदी से सजा मुख्य शिवलिंग
इस वर्ष पन्याला मंदिर में महाशिवरात्रि का पर्व बेहद खास है। मंदिर प्रबंधन द्वारा मुख्य शिवलिंग को 7 किलो चांदी से भव्य रूप से सजाया गया है। चांदी से अलंकृत भगवान शिव का यह रूप श्रद्धालुओं के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। भक्त इस मनमोहक दृश्य को देखकर निहाल हो रहे हैं।
पन्याला मंदिर की विशेषता यहाँ स्थापित 11 छोटे और एक विशाल शिवलिंग है, जो बारह ज्योतिर्लिंगों का प्रतिनिधित्व करते हैं। यही कारण है कि यहाँ केवल बिलासपुर ही नहीं, बल्कि पड़ोसी जिलों मंडी और हमीरपुर से भी हजारों की संख्या में भक्त शीश नवाने पहुँचते हैं।
आध्यात्मिक उत्साह और भंडारा
मंदिर परिसर में भक्तों के लिए फलाहार और गाजर के हलवे का विशेष भंडारा लगाया गया है। मंदिर ट्रस्ट के सदस्य ब्रह्मदास और प्रेम सिंह ठाकुर ने बताया कि 17 फरवरी को मंदिर परिसर में एक विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें शिव भक्तों को पारंपरिक बिलासपुरी धाम परोसी जाएगी।
मंदिर पहुँची श्रद्धालु स्नेहलता ने बताया कि यहाँ आकर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की गई है और शिवरात्रि को लेकर युवाओं व बुजुर्गों में भारी उत्साह है। महाशिवरात्रि पर शिवलिंग का दूध से अभिषेक करने और शिव-पार्वती की संयुक्त पूजा से भोलेनाथ अत्यंत प्रसन्न होते हैं और भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।