बिलासपुर
हिमाचल प्रदेश के विश्व विख्यात शक्तिपीठ नयना देवी के दरबार में पाँच दिवसीय होला मोहल्ला मेले की धूम शुरू हो गई है। ऊंची पहाड़ियों पर स्थित माता के इस पावन धाम में आस्था का सैलाब उमड़ रहा है। मेले के शुरुआती दो दिनों के भीतर ही लगभग 50 हजार से अधिक श्रद्धालु माता के चरणों में शीश नवा चुके हैं।
आनंदपुर साहिब से पहुँच रहे सिख श्रद्धालु
होला मोहल्ला मेले के विशेष अवसर पर पड़ोसी राज्य पंजाब के आनंदपुर साहिब से भारी संख्या में सिख श्रद्धालुओं के पहुँचने का सिलसिला लगातार जारी है। नीले और केसरी परिधानों में सजे श्रद्धालु जयकारों के साथ माता के दरबार पहुँच रहे हैं, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया है।
बाजारों में रौनक: जयपुर और दिल्ली के सामान से सजी दुकानें
मेले के चलते स्थानीय बाजारों में भारी रौनक देखी जा रही है। दुकानदारों ने श्रद्धालुओं को आकर्षित करने के लिए अपनी दुकानों को खास तौर पर सजाया है। दुकानदार अजय कुमार के अनुसार, इस बार फिरोजाबाद की चूड़ियां, जयपुर की कलाकृतियां और दिल्ली-अंबाला से मंगवाए गए विशेष सामान से बाजारों की रौनक बढ़ गई है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम: चप्पे-चप्पे पर पहरा
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। पूरे मंदिर क्षेत्र को सेक्टरों में बांटा गया है। भीड़ नियंत्रण के लिए पुलिस के साथ-साथ भारी संख्या में होमगार्ड और एक्स-सर्विसमैन (पूर्व सैनिक) तैनात किए गए हैं। श्रद्धालुओं को कतारों में व्यवस्थित तरीके से माता के दर्शन करवाए जा रहे हैं।
चतर सिंह रनौत (मंदिर अधिकारी) मंदिर क्षेत्र का निरीक्षण करने के बाद मंदिर अधिकारी चतर सिंह रनौत ने बताया, मंदिर न्यास और जिला प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु सभी आवश्यक बंदोबस्त किए गए हैं।
सुरक्षा के लिए पुलिस और होमगार्ड के जवान मुस्तैद हैं। श्रद्धालु बिना किसी असुविधा के लाइनों में लगकर माता के दर्शन कर रहे हैं और सुरक्षित अपने घरों को लौट रहे हैं।
पाँच दिनों तक चलने वाले इस मेले में आने वाले दिनों में भीड़ और बढ़ने की संभावना है। प्रशासन ने पीने के पानी, स्वास्थ्य सुविधाओं और लंगर की व्यवस्था को भी सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।