शिमला।
जिला शिमला में उद्घोषित अपराधियों (Proclaimed Offenders) और लंबे समय से फरार चल रहे आरोपियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत शिमला पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस थाना ढली की एक विशेष टीम ने पंजाब के पटियाला में दबिश देकर 13 साल पुराने धोखाधड़ी के मामले में वांछित मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
क्या था मामला?
यह मामला साल 2013 का है, आरोपी बलजींदर सिंह उर्फ सोनू (निवासी पटियाला, पंजाब) को लगभग 8 लाख रुपये की सेब की खेप को उसके गंतव्य तक पहुँचाने का जिम्मा सौंपा गया था। हालांकि, आरोपी ने विश्वासघात करते हुए उक्त माल को गंतव्य तक पहुँचाने के बजाय रास्ते में ही कहीं और बेच दिया और पूरी राशि लेकर फरार हो गया।
इस संबंध में पुलिस थाना ढली में अभियोग संख्या 181/2013 के तहत आईपीसी की धारा 406 (विश्वासघात), 407 (परिवहन के दौरान गबन) और 120(B) (आपराधिक षड्यंत्र) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था।
आरोपी पिछले 13 वर्षों से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था और माननीय न्यायालय LD-CJM शिमला की कार्यवाही में पेश नहीं हो रहा था। बार-बार पेश न होने के कारण न्यायालय ने आरोपी के विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।
पटियाला में दी दबिश, पुलिस ने बिछाया जाल
आरोपी की लोकेशन ट्रैक होने के बाद ढली पुलिस की एक विशेष टीम को तुरंत पटियाला भेजा गया। सटीक सूचना और पेशेवर समन्वय के आधार पर टीम ने 13 अप्रैल, 2026 को आरोपी को उसके गृह जनपद पटियाला से धर दबोचा।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी बलजींदर सिंह को शिमला लाया गया और माननीय न्यायालय LD-CJM के समक्ष पेश किया गया। न्यायालय ने आरोपी की गंभीरता को देखते हुए उसे 17 अप्रैल, 2026 तक न्यायिक हिरासत में सब जेल कैन्थू भेजने के आदेश जारी किए हैं।
पुलिस का संदेश
शिमला पुलिस के अनुसार, फरार अपराधियों के खिलाफ यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। यह गिरफ्तारी उन अपराधियों के लिए एक सख्त चेतावनी है जो यह समझते हैं कि समय बीतने के साथ वे कानून के लंबे हाथों से बच जाएंगे।