ऊना
ऊना सदर के पूर्व विधायक और कांग्रेस नेता सतपाल रायजादा ने देश में धर्म और राजनीति के घालमेल को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। ऊना में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रायजादा ने कहा कि भाजपा अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए धर्म का सहारा ले रही है, जो कि सनातन परंपराओं के विरुद्ध है।
"हिंदू खतरे में" केवल राजनीतिक नारा
रायजादा ने कहा कि भाजपा अक्सर "हिंदू खतरे में है" का राग अलापती है, जबकि वास्तविकता यह है कि हिंदू नहीं, बल्कि भाजपा की राजनीति खतरे में है। उन्होंने केंद्र और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की नीतियों को भड़काऊ करार देते हुए कहा कि सत्ता में बने रहने के लिए जनता के बीच भेदभाव पैदा किया जा रहा है।
शंकराचार्य के मुद्दे पर घेरा
पूर्व विधायक ने विशेष रूप से शंकराचार्य के विषय को उठाते हुए कहा कि भाजपा ने अपने राजनीतिक हितों के लिए सर्वोच्च धार्मिक पदों की गरिमा को भी दांव पर लगा दिया है।
भेदभाव का आरोप: रायजादा ने आरोप लगाया कि भाजपा ने अपनी नीतियों के कारण पूज्य शंकराचार्यों की उपेक्षा की और उनके विषयों पर राजनीति की।
धर्म विरुद्ध नीति: उन्होंने कहा कि धर्म आस्था का विषय है और इसे राजनीति के तराजू में तौलना गलत है। भाजपा की वर्तमान कार्यप्रणाली धर्म के मूल सिद्धांतों के खिलाफ जा रही है।
"भड़काऊ राजनीति से विकास बाधित"
सतपाल रायजादा ने प्रेस वार्ता में स्पष्ट किया कि कांग्रेस हमेशा धर्मनिरपेक्षता और आपसी भाईचारे की पक्षधर रही है। उन्होंने कहा धर्म और राजनीति दो अलग-अलग विषय हैं। जब राजनीति धर्म पर हावी होने लगती है, तो समाज में विद्वेष फैलता है। भाजपा को चाहिए कि वह जनता को असल मुद्दों से भटकाने के बजाय विकास और जनकल्याण पर ध्यान दे।