औचक निरीक्षण में ढांक में मिले दो मृत पशु, एक माह में 20 से अधिक पशुओं की मौत; लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के संकेत।
जिला मुख्यालय के समीप स्थित मैगल गोसदन में मृत पशुओं को रस्सियों से बांधकर ढांक में फेंकने की शिकायत सामने आने के बाद प्रशासन और पशुपालन विभाग हरकत में आ गया है। मामले की प्रशासनिक जांच शुरू कर दी गई है। सहायक निदेशक (प्रोजेक्ट) डॉ. संदीप के नेतृत्व में विशेष टीम ने शुक्रवार को गोसदन का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण में ढांक में मिले दो मृत पशु
निरीक्षण के दौरान टीम को ढांक में फेंके गए दो मृत पशु मिले। गोसदन के रिकॉर्ड और स्थानीय स्तर पर की गई पूछताछ में पता चला कि पिछले एक महीने में यहां 20 से अधिक पशुओं की मौत हुई है। वर्तमान में गोसदन में करीब 128 पशु आश्रय लिए हुए हैं।
पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण, दवाएं भी दी गईं
पशुपालन विभाग की टीम ने गोसदन में मौजूद सभी पशुओं का स्वास्थ्य एवं चिकित्सीय परीक्षण किया। साथ ही आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई गईं ताकि अन्य पशुओं में किसी प्रकार की बीमारी फैलने की आशंका को रोका जा सके।
लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में गोसदन प्रबंधन की लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जांच रिपोर्ट तैयार कर उपायुक्त मंडी को सौंप दी गई है।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि गोसदन के पास मृत पशुओं के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए उचित स्थान उपलब्ध नहीं है। इसी कारण मृत पशुओं को खुले में ढांक की ओर फेंका जा रहा था, जिससे आसपास के क्षेत्र में दुर्गंध फैलने और संक्रमण का खतरा बढ़ गया है।
प्रशासन ने भूमि चिन्हित करने के दिए निर्देश
समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रशासन ने तहसीलदार मंडी को निर्देश दिए हैं कि मैगल गोसदन के निकट मृत पशुओं के वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण के लिए जल्द से जल्द उपयुक्त भूमि चिन्हित की जाए।
अधिकारी ने क्या कहा?
सहायक निदेशक (प्रोजेक्ट) पशुपालन विभाग मंडी डॉ. संदीप ने बताया कि मैगल गोसदन के निरीक्षण के दौरान ढांक में दो मृत पशु मिले हैं। रिकॉर्ड के अनुसार पिछले एक माह में 20 से अधिक पशुओं की मौत हुई है। मामले की विस्तृत रिपोर्ट उपायुक्त मंडी को सौंप दी गई है और आगे आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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