धर्मशाला I
मानवता की मिसाल पेश करते हुए धर्मशाला की एक स्थानीय महिला ने एक मासूम तिब्बती बच्चे को सुरक्षित उसके परिवार तक पहुँचाकर क्षेत्र में प्रशंसा बटोरी है। यह घटना धर्मशाला के किरपू मोड़ की है, जहाँ 5 से 6 वर्ष का एक बच्चा अपने परिवार से बिछड़ गया था।
अकेला घूम रहा था मासूम
जानकारी के अनुसार, तिब्बती मूल का लगभग 5 से 6 वर्षीय बच्चा घर से भटक कर किरपू मोड़ के पास अकेला घूम रहा था। इसी दौरान स्थानीय निवासी काजल कौशल की नजर उस पर पड़ी। बच्चे को अकेला और घबराया हुआ देख काजल ने मामले की गंभीरता को समझा और बच्चे को अपने संरक्षण में ले लिया।
एक घंटे तक की परिजनों की तलाश
काजल कौशल ने मानवता का परिचय देते हुए लगभग एक घंटे तक बच्चे को अपने पास सुरक्षित रखा और आसपास के क्षेत्र में उसके माता-पिता की तलाश की। उन्होंने स्थानीय लोगों से पूछताछ की ताकि बच्चे के घर का पता लगाया जा सके।
भाई की नजर बचाकर निकला था बाहर
काफी मशक्कत के बाद बच्चे का बड़ा भाई उसे ढूंढते हुए वहां पहुँचा। भाई ने बताया कि उनके माता-पिता काम के सिलसिले में घर से बाहर गए हुए थे। इसी बीच बच्चा बड़े भाई की नजर बचाकर अचानक घर से बाहर निकल गया और रास्ता भटक गया।
परिजनों के सुपुर्द किया बच्चा
तसल्ली करने के बाद, काजल कौशल ने एक अन्य तिब्बती महिला की मौजूदगी में बच्चे को उसके बड़े भाई के सुपुर्द कर दिया। अपने मासूम भाई को सुरक्षित पाकर परिजनों ने राहत की सांस ली और काजल कौशल का सहृदय आभार व्यक्त किया।
आज के दौर में जब लोग अनजानों की मदद करने से कतराते हैं, काजल कौशल जैसे जागरूक नागरिकों की वजह से ही समाज में मानवता जीवित है। उनकी त्वरित सोच ने एक बड़े हादसे को टाल दिया।