क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में बढ़ रहे पीलिया के मामलों के बीच स्वास्थ्य और जल शक्ति विभाग सक्रिय, संक्रमण की वजह जानने के लिए पेयजल की जांच शुरू।
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में पीलिया (जॉन्डिस) के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। जिला मुख्यालय स्थित क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में अब तक 38 मरीजों में पीलिया की पुष्टि हो चुकी है। इनमें बड़ी संख्या में बच्चे, किशोर और युवा शामिल हैं। सभी मरीजों का अस्पताल में उपचार जारी है, जबकि प्रतिदिन नए मरीज भी जांच और इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण के संभावित कारणों की जांच शुरू कर दी है। सोमवार को अस्पताल प्रशासन ने पोस्ट ऑफिस क्षेत्र और शास्त्री नगर से पांच पेयजल नमूने एकत्र कर जांच के लिए भेजे हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही संक्रमण के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
दूषित पेयजल से संक्रमण की आशंका
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, कई इलाकों से दूषित पेयजल आपूर्ति की शिकायतें मिली हैं। चिकित्सकों का मानना है कि बरसात के मौसम में जल स्रोत दूषित होने से पीलिया जैसी जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसी को देखते हुए जल शक्ति विभाग को भी सतर्क कर आवश्यक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
पुणे की प्रयोगशाला में होगी विस्तृत जांच
जल शक्ति विभाग ने स्थानीय स्तर पर जांच के साथ-साथ विभिन्न स्थानों से लिए गए चार अतिरिक्त पेयजल नमूनों को विस्तृत परीक्षण के लिए पुणे स्थित प्रयोगशाला भेजने का निर्णय लिया है। इन रिपोर्टों से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि पेयजल में संक्रमण किस कारण से फैल रहा है और इसकी रोकथाम के लिए क्या कदम उठाए जाएं।
पीलिया के प्रमुख लक्षण
विशेषज्ञों के अनुसार पीलिया के प्रमुख लक्षण इस प्रकार हैं—
इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय जांच कराने की सलाह दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे—
केवल उबला या स्वच्छ पानी ही पिएं।
ताजा और स्वच्छ भोजन का सेवन करें।
हाथों की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों के सेवन से बचें।
बच्चों में लक्षण दिखाई देने पर तुरंत अस्पताल लेकर जाएं।
क्या बोले मुख्य चिकित्सा अधिकारी?
क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रंजीत ठाकुर ने बताया कि अस्पताल में अब तक लगभग 38 मरीज पीलिया से ग्रसित पाए गए हैं। उन्होंने कहा कि संक्रमण के कारणों का पता लगाने के लिए पांच पेयजल नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं और इस संबंध में जल शक्ति विभाग से भी पत्राचार किया गया है।
रिपोर्ट आने के बाद ही संक्रमण के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी।
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