शिमला।
हिमाचल प्रदेश के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने महिला आरक्षण बिल और सोलन के चर्चित चेस्टर हिल मामले को लेकर केंद्र सरकार और विपक्षी दल भाजपा पर कड़ा प्रहार किया है। नेगी ने आरोप लगाया कि भाजपा महत्वपूर्ण मुद्दों पर केवल राजनीति कर रही है और उसकी मंशा जनता को न्याय दिलाने की नहीं है।
महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए जगत सिंह नेगी ने कहा कि केंद्र सरकार इसे एक नई उपलब्धि की तरह पेश कर रही है, जबकि हकीकत कुछ और है।
नेगी ने कहा कि यह बिल वर्ष 2023 में ही संसद से पारित हो चुका है, लेकिन केंद्र ने इसे अब तक लागू नहीं किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार सीटों के पुनर्गठन और परिसीमन के नाम पर जानबूझकर इस प्रक्रिया को लंबा खींच रही है।
मंत्री ने कहा कि 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन करने की योजना कई सवाल खड़े करती है। उन्होंने भाजपा की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी वास्तव में महिलाओं को उनका हक देने के पक्ष में नहीं है।
सोलन स्थित 'चेस्टर हिल' हाउसिंग प्रोजेक्ट में कथित बेनामी सौदों और हिमाचल प्रदेश लैंड सीलिंग एक्ट की धारा 118 के उल्लंघन के मामले पर मंत्री ने सरकार का रुख स्पष्ट किया।
नेगी ने बताया कि जिला प्रशासन (DC और SDM) को इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए पूरी स्वतंत्रता दी गई है। उन्होंने साफ किया कि जांच अधिकारियों पर सरकार का कोई दबाव नहीं है।
मंत्री ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि जो भी व्यक्ति बेनामी संपत्ति सौदों या नियमों के उल्लंघन में संलिप्त पाया जाएगा, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि मामला बड़ा होने के कारण कुछ लोग इसका राजनीतिक श्रेय लेने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वर्तमान सरकार केवल तथ्यों और पारदर्शिता के आधार पर काम कर रही है।
राजस्व मंत्री के इन बयानों से स्पष्ट है कि राज्य सरकार भू-नियमों के उल्लंघन पर सख्त है और साथ ही राष्ट्रीय स्तर के मुद्दों पर केंद्र सरकार की घेराबंदी करने का कोई अवसर नहीं छोड़ रही है। चेस्टर हिल मामले की चल रही जांच आगामी दिनों में कई बड़े खुलासे कर सकती है।