देवभूमि न्यूज़ टाइम्स। नई दिल्ली
दिवाली और त्योहारी सीजन की समाप्ति के बाद भी देश भर में ऑटो सेक्टर में तेजी जारी है। यह पहली बार है, जब सीजन के बाद देश में ऑटो सेक्टर और खासकर चौपहिया वाहनों की ब्रिकी घटी नहीं है।
ग्राहकों की लगातार दिलचस्पी बनी रहने के कारण नवंबर 2025 में देश में पैसेंजर वाहनों की खुदरा बिक्री में पिछले साल की तुलना में 20 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई है।
फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन्स (एफएडीए) के आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष नवंबर में 3,94,152 पैसेंजर वाहन बिके, जबकि नवंबर 2024 में यह संख्या 3,29,253 थी। एफएडीए ने बताया कि बिक्री में आई यह तेजी केवल त्योहारों के प्रभाव की वजह से नहीं, बल्कि जीएसटी दरों में कटौती,
शादी-विवाह सीजन की बढ़ी मांग, लंबे समय से पेंडिंग एसयूवी मॉडलों की बेहतर उपलब्धता और डीलर-ओईएम (ओईएम) द्वारा दिए जा रहे आकर्षक प्रोत्साहन ऑफर्स जैसे कारणों से बाजार को अतिरिक्त गति मिली है।
एफएडीए अध्यक्ष सी.एस. विग्नेश्वर ने कहा कि उपभोक्ता विश्वास पिछले कई महीनों से लगातार सुधर रहा है। जिसका सकारात्मक असर नवंबर में भी दिखा। उन्होंने बताया कि इन्वेंट्री स्तर पहले जहां 53-55 दिन था।
वहीं अब घटकर 44-46 दिन पर आ गया है, जो यह दर्शाता है कि मांग वास्तविक है और महामारी के बाद पहली बार आपूर्ति और मांग के बीच एक स्वस्थ संतुलन दिखाई दे रहा है। विग्नेश्वर के मुताबिक, पिछले साल दिवाली और धनतेरस अक्टूबर में पड़ने के कारण नवंबर 2024 की बिक्री असामान्य रूप से ज्यादा थी,
लेकिन इसके बावजूद इस साल नवंबर ने उस ऊंचे आधार पर भी अच्छी बढ़त हासिल की है। दोपहिया वाहनों की बात करें तो नवंबर में इस श्रेणी की रजिस्ट्रेशन 3 प्रतिशत गिरकर 25,46,184 इकाई रही।
हालांकि बिक्री में यह मामूली कमी ग्रामीण मांग के थोड़ा कमजोर रहने और फाइनेंसिंग में सख्ती की वजह से आई है, लेकिन सकारात्मक संकेत यह है कि कुल वाहन स्टॉक घटकर 44-46 दिन पर आ गया है, जिससे स्पष्ट है कि डीलरशिप पर गाड़ियां लंबा समय नहीं ठहर रहीं और बाजार में वास्तविक मांग मौजूद है।
वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री ने भी इस महीने दमदार प्रदर्शन किया और 20 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 94,935 इकाई दर्ज की गई। इस तेजी के पीछे सड़कों और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में तेजी, माल ढुलाई की बढ़ती जरूरत, सरकारी परियोजनाओं से पैदा हुई नई मांग और जीएसटी सुधारों से लॉजिस्टिक्स सेक्टर को मिला लाभ प्रमुख कारण रहे।
कुल मिलाकर, नवंबर का महीना ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए उम्मीद से अधिक सकारात्मक रहा। पैसेंजर वाहन, तिपहिया वाहन, वाणिज्यिक वाहन और ट्रैक्टर श्रेणियों ने मजबूत प्रदर्शन किया, जबकि दोपहिया श्रेणी थोड़ी कमजोर रही।
जीएसटी व आर्थिक सुधारों का असर: वशिष्टा
देवभूमि ग्रुप कंपनीज एवं हिमाचल के सबसे बड़े ऑटो सेक्टर समूह के प्रबंध निदेशक राजेंद्र वशिष्टा की मानें तो त्योहारों के बाद की तेजी केंद्र सरकार के आर्थिक व जीएसटी सुधारों का असर है।
उन्होंने कहा कि एफएडीए के आंकड़ों से साफ जाहिर है कि बाजार में ग्राहकों का विश्वाास कायम है और देश की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है। इस बार त्योहारी सीजन में अब तक की सबसे बड़ी रिकार्ड ब्रिकी ने भी भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत गति दी है। इस तेजी की वजह से ऑटो सेक्टर भारत में और मजबूत होकर लाखों रोजगार व स्वरोजगार पैदा कर रहा है।