2016 से 2022 के बीच रिटायर हुए पेंशनर्स को 50 प्रतिशत लंबित लाभ देने की मांग, सरकार से सकारात्मक फैसले की उम्मीद
हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त मोर्चा की बैठक शिमला में आयोजित हुई। बैठक के बाद मोर्चा अध्यक्ष आत्मा राम शर्मा ने बताया कि मंगलवार को मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मुलाकात का समय मिला है। इस दौरान पेंशनर्स से जुड़े कई लंबित मुद्दों को मुख्यमंत्री के सामने रखा जाएगा।
आत्मा राम शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने पहले भी पेंशनर्स के हित में कई फैसले लिए हैं, लेकिन अभी कुछ महत्वपूर्ण लाभ जारी होना बाकी हैं। मोर्चा मुख्यमंत्री से इन लंबित लाभों को जल्द जारी करने की मांग करेगा।
उन्होंने कहा कि पेंशनर्स को इस बैठक से सकारात्मक परिणामों की उम्मीद है और सरकार से उनकी मांगों पर जल्द निर्णय लेने का आग्रह किया जाएगा।
2016 से 2022 तक रिटायर पेंशनर्स को 50 प्रतिशत लाभ देने की मांग
मोर्चा अध्यक्ष ने बताया कि मुख्यमंत्री के समक्ष वर्ष 2016 से 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए पेंशनर्स का मुद्दा प्रमुखता से उठाया जाएगा। संगठन की मांग है कि इन कर्मचारियों को कम से कम 50 प्रतिशत लंबित वित्तीय लाभ जल्द प्रदान किए जाएं।
इसके अलावा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सरकार की ओर से पेंशनर्स के हित में किसी बड़ी घोषणा की उम्मीद भी जताई गई है।
पेंशनर्स संयुक्त मोर्चा ने सरकार से संयुक्त परामर्श समिति (JCC) की बैठक जल्द आयोजित करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि इस बैठक के माध्यम से कर्मचारियों और पेंशनर्स से जुड़े मुद्दों पर प्रभावी चर्चा हो सकती है।
गुटबाजी के आरोपों पर बोले- संगठन एकजुट
मोर्चे में कथित गुटबाजी को लेकर पूछे गए सवाल पर आत्मा राम शर्मा ने कहा कि संगठन पूरी तरह एकजुट है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार जल्द ही संगठन को मान्यता देगी।
उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में फंड की कमी नहीं थी, लेकिन इसके बावजूद पेंशनर्स को कई लाभ नहीं मिल पाए। वहीं वर्तमान सरकार आर्थिक चुनौतियों के बावजूद पेंशनर्स के मुद्दों पर सहयोग कर रही है।
पेंशनर्स संयुक्त मोर्चा अब मुख्यमंत्री के साथ होने वाली बैठक में अपनी मांगों के समाधान की उम्मीद लगाए हुए है।
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