कुल्लू
भारत के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद रविवार सुबह अपने चार दिवसीय हिमाचल प्रवास पर कुल्लू पहुंचे। भुंतर हवाई अड्डे पर उतरने के बाद कुल्लू जिला प्रशासन की ओर से उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। पूर्व राष्ट्रपति के इस महत्वपूर्ण दौरे को देखते हुए कुल्लू और लाहौल-स्पीति दोनों जिलों में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है।
भुंतर एयरपोर्ट पर हुआ भव्य स्वागत
रविवार सुबह पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद हवाई मार्ग से दिल्ली से भुंतर पहुंचे। एयरपोर्ट पर कुल्लू के उपायुक्त (DC) अनुराग चंद्र शर्मा सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों और कई अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने गुलदस्ता भेंट कर उनकी अगवानी की।
भुंतर में स्वागत समारोह के बाद वह कड़े सुरक्षा घेरे के बीच सड़क मार्ग से सीधे मनाली के लिए रवाना हो गए। प्रशासनिक शेड्यूल के अनुसार, अपने इस चार दिवसीय दौरे के दौरान पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद मनाली स्थित 'आनंद वर्धन रिजॉर्ट' में रुकेंगे।
यह रहेगा चार दिवसीय दौरे का पूरा शेड्यूल
पूर्व राष्ट्रपति अपने इस प्रवास के दौरान धार्मिक, सामाजिक और विकासात्मक कार्यक्रमों का हिस्सा बनेंगे। उनका पूरा कार्यक्रम इस प्रकार तय किया गया है:
8 जून (सोमवार): मनाली में ऋषि भूमि चिकित्सा केंद्र का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। इसके अलावा वह यहां अंतरराष्ट्रीय साधना हॉल का दौरा करेंगे और स्थानीय स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों में भाग लेंगे। सोमवार शाम को वे प्रसिद्ध शिव मंदिर में आयोजित होने वाली भव्य 'शिव महाआरती' में भी शामिल होंगे।
9 जून (मंगलवार): पूर्व राष्ट्रपति मनाली से सीमांत जिले लाहौल की ओर प्रस्थान करेंगे। इस दौरान वह ऐतिहासिक अटल टनल (रोहतांग) का दीदार करेंगे। इसके साथ ही वे चंद्रभागा नदी क्षेत्र और खूबसूरत सिस्सू वैली सहित विभिन्न पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेंगे। शाम को वे वापस मनाली लौट आएंगे।
10 जून (बुधवार): अपना दौरा पूरा करने के बाद पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद मनाली से भुंतर हवाई अड्डे पहुंचेंगे और वहां से दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, विभागों को निर्देश जारी
चूंकि मनाली और लाहौल में इन दिनों पीक टूरिस्ट सीजन चल रहा है, इसलिए पूर्व राष्ट्रपति के वीवीआईपी (VVIP) मूवमेंट को ध्यान में रखते हुए पुलिस और प्रशासन ने यातायात और सुरक्षा का कड़ा खाका तैयार किया है।
दोनों जिलों के उपायुक्तों ने सुरक्षा के मद्देनजर संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं ताकि पूर्व राष्ट्रपति के काफिले की आवाजाही के दौरान पर्यटकों और स्थानीय जनता को भी अनावश्यक दिक्कतों का सामना न करना पड़े।