शिमला।
चंडीगढ़ के सेक्टर-37 स्थित पंजाब भाजपा मुख्यालय पर हुए ग्रेनेड हमले की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। इस मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक, रूबल चौहान, की कहानी ने सुरक्षा एजेंसियों और समाज को हैरान कर दिया है। कभी देश का प्रतिष्ठित प्रशासनिक अधिकारी (UPSC) बनने का सपना देखने वाला रूबल आज सलाखों के पीछे है।
UPSC की तैयारी से अपराध की दुनिया तक
शिमला का रहने वाला रूबल चौहान चंडीगढ़ के एक प्रतिष्ठित कॉलेज का छात्र रहा है। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि वह UPSC (यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन) की तैयारी कर रहा था और पढ़ाई में काफी होनहार था।
जांच के अनुसार, रूबल को 'चिट्टे' (सिंथेटिक ड्रग्स) की लत लग गई। नशे की इसी तलब ने उसे ऐसे लोगों के संपर्क में ला दिया जो सीमा पार से संचालित आतंकी मॉडयूल से जुड़े थे। नशे के लिए पैसों की जरूरत और गलत संगत के कारण वह आतंकवाद के हैंडलर्स के चंगुल में फंस गया। आरोप है कि रूबल ने ही रोपण से ग्रेनेड की खेप कलेक्ट की थी और इसे मुख्य हमलावरों तक पहुँचाया था।
पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव के अनुसार, यह पूरा मॉड्यूल पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI द्वारा समर्थित था। इस गिरोह को पुर्तगाल में बैठे बलजोत सिंह (जोत) और जर्मनी में बैठे हरजीत सिंह लाडी निर्देश दे रहे थे। 28 मार्च को रूबल चौहान ने अपने साथियों (मंदीप और गुरतेज) के साथ मिलकर नवांशहर के पास से हथियारों और ग्रेनेड की खेप ली थी।
पुलिस ने इस मामले में अब तक रूबल चौहान सहित कुल 7 लोगों को गिरफ्तार किया है।आरोपियों के पास से एक जिंदा हैंड ग्रेनेड, एक .30 बोर जिगाना पिस्टल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए गए हैं। यह मामला केवल एक आतंकी हमला नहीं है, बल्कि यह दर्शाता है कि कैसे नशा युवाओं के भविष्य को बर्बाद कर उन्हें देश विरोधी गतिविधियों में धकेल रहा है।