चम्बा।
हिमाचल प्रदेश के जिला चम्बा के चुराह क्षेत्र के एक युवा ने साबित कर दिया है कि अगर इरादे बुलंद हों, तो सुविधाओं का अभाव भी कामयाबी का रास्ता नहीं रोक सकता। छत्तीसगढ़ के रायपुर में आयोजित 'खेलो इंडिया वेटलिफ्टिंग ट्राइबल गेम्स 2026' में चम्बा के खेम राज ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक (Bronze Medal) जीतकर देवभूमि का नाम देशभर में रोशन किया है।
94 किलो वर्ग में दिखाया दम
खेम राज ने इस प्रतियोगिता के 94 किलोग्राम भार वर्ग में कुल 232 किलोग्राम वजन उठाकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। दुर्गम क्षेत्र चुराह से ताल्लुक रखने वाले खेम राज की इस उपलब्धि ने चम्बा के खेल जगत में नई जान फूंक दी है।
कोच शिवाली राजपूत का 'पारस' स्पर्श
खेम राज की इस सफलता के पीछे उनकी कड़ी मेहनत और उनकी कोच शिवाली राजपूत का कुशल मार्गदर्शन है। 2021 में फिटनेस के लिए 'आयरन पैराडाइज जिम सरोल' जॉइन करने वाले खेम राज की प्रतिभा को शिवाली राजपूत ने पहचाना।
चम्बा में वेटलिफ्टिंग के लिए कोई प्रोफेशनल प्लेटफॉर्म या आधुनिक उपकरण नहीं हैं। इसके बावजूद कोच शिवाली ने जिम के साधारण उपकरणों से ही खेम राज को अंतरराष्ट्रीय स्तर की बारीकियों के लिए तराशा। खेम राज ने अपनी जीत का श्रेय कोच शिवाली राजपूत, भूपेंद्र ठाकुर और अपने माता-पिता के अटूट सहयोग को दिया है।
चम्बा में प्रतिभाओं की खान, पर सुविधाओं का अकाल
कोच शिवाली राजपूत चम्बा में खेलों को बढ़ावा देने के लिए लगातार सक्रिय हैं। उनके प्रयासों से 2025 में चम्बा कॉलेज में एक सफल लीग का आयोजन हुआ था, जिसमें 45 छात्राओं ने पदक जीते थे। वर्तमान में वह 20-25 युवाओं को ट्रेनिंग दे रही हैं।
शिवाली राजपूत का कहना है कि चम्बा के युवाओं में अपार क्षमता है, लेकिन यहाँ एक आधुनिक वेटलिफ्टिंग सेंटर की सख्त जरूरत है। यदि सरकार यहाँ उचित सेटअप प्रदान करे, तो यहाँ के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी तिरंगा फहरा सकते हैं।
खेम राज की यह जीत न केवल चम्बा बल्कि पूरे हिमाचल के युवाओं के लिए एक मिसाल है कि कड़ी मेहनत और सही मार्गदर्शन से किसी भी लक्ष्य को पाया जा सकता है।