बिलासपुर
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर बिलासपुर शहर में श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में रविवार सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। भक्त शिवलिंग पर जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि और अच्छी वर्षा की कामना कर रहे हैं।
मंदिर परिसर में हर-हर महादेव के जयकारों से भक्तिमय वातावरण बना हुआ है। मंदिर में स्थापित खन्मुकेश्वर महादेव शिवलिंग को लेकर एक प्राचीन और अद्भुत मान्यता जुड़ी हुई है।
जनश्रुति के अनुसार, जब प्राचीन समय में बिलासपुर क्षेत्र में कई वर्षों तक वर्षा नहीं होती थी और सूखे की मार से किसान परेशान हो जाते थे, तब यहां के राजा इस शिवलिंग पर विशेष पूजा-अर्चना और जलाभिषेक करते थे।
कहा जाता है कि जैसे ही राजा शिवलिंग पर जल अर्पित करते, वैसे ही आसमान में बादल घिर आते और क्षेत्र में बारिश शुरू हो जाती थी। इस चमत्कारी विश्वास के कारण यह शिवलिंग आज भी आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। महाशिवरात्रि के दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु जल, दूध और बेलपत्र अर्पित कर भगवान शिव से समय पर वर्षा और अच्छी फसल की कामना कर रहे हैं।
किसानों के लिए यह स्थान विशेष महत्व रखता है। कई ग्रामीण आज भी मानते हैं कि खन्मुकेश्वर महादेव की कृपा से क्षेत्र में प्राकृतिक आपदाओं से रक्षा होती है।यह पवित्र शिवलिंग पहले पुराने बिलासपुर में स्थित था।
नए बिलासपुर शहर की स्थापना के बाद इसे विधि-विधान के साथ वर्तमान मंदिर परिसर में स्थापित किया गया। तब से लेकर आज तक यहां निरंतर पूजा-अर्चना होती आ रही है। महाशिवरात्रि के अवसर पर मंदिर प्रशासन की ओर से विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि श्रद्धालु सुचारू रूप से जलाभिषेक कर सकें।