पालमपुर: हिमाचल प्रदेश की देवभूमि ने एक बार फिर राष्ट्रीय पटल पर अपनी चमक बिखेरी है। कांगड़ा जिले के पालमपुर की रहने वाली डॉ. प्रिया कपिला ने जयपुर में आयोजित प्रतिष्ठित यूएमबी (UMB) मिस इंडिया प्रतियोगिता का खिताब जीतकर न केवल अपने शहर, बल्कि पूरे प्रदेश का मान बढ़ाया है।
कड़े मुकाबले में 1300 प्रतिभागियों को पछाड़ा
जयपुर में आयोजित इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता की राह आसान नहीं थी। डॉ. प्रिया ने बताया कि इस मंच के लिए देशभर से लगभग 1300 आवेदन आए थे। कड़ी स्क्रीनिंग और कई राउंड के बाद केवल 111 प्रतिभागियों को फाइनल में जगह मिली। अंतिम दौर में शीर्ष 20 प्रतिभागियों के बीच कड़ा मुकाबला हुआ।
बॉलीवुड अभिनेत्री नेहा धूपिया सहित अन्य प्रतिष्ठित जजों के पैनल ने प्रतिभागियों के आत्मविश्वास और बौद्धिक क्षमता को परखा। डॉ. प्रिया ने अपने सटीक उत्तरों और प्रभावशाली व्यक्तित्व से जजों को प्रभावित कर 'मिस कैटेगरी' का ताज अपने नाम किया।
पेशे से नेत्र विशेषज्ञ हैं डॉ. प्रिया
डॉ. प्रिया कपिला वर्तमान में मारंडा स्थित एक निजी अस्पताल में नेत्र विशेषज्ञ (Ophthalmologist) के रूप में कार्यरत हैं। उनकी यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने अपने चिकित्सा पेशे की व्यस्तताओं के बीच इस मुकाम को हासिल किया है।
यूएमबी पेजेंट्स भारत का सबसे बड़ा समावेशी मंच माना जाता है, जो पारंपरिक सौंदर्य मानकों (रंग-रूप) से ऊपर उठकर महिलाओं की प्रतिभा और व्यक्तित्व को प्राथमिकता देता है।
घर लौटने पर भव्य स्वागत
शुक्रवार शाम जब डॉ. प्रिया खिताब जीतकर पालमपुर पहुंचीं, तो उनका स्वागत किसी नायिका की तरह किया गया। अस्पताल के चेयरमैन, स्टाफ और परिजनों ने हिमाचली परंपरा के अनुसार गाजे-बाजे के साथ उनका अभिनंदन किया। इस मौके पर संस्कृति कर्मी कुलदीप गुलेरिया सहित शहर के कई गण्यमान्य लोग उपस्थित रहे।
सफलता का श्रेय परिवार को
डॉ. प्रिया ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को दिया है। उनके पिता डॉ. रतन चंद कपिला स्वास्थ्य विभाग से और माता एच. कपिला भाषा एवं संस्कृति विभाग से उपनिदेशक पद से सेवानिवृत्त हैं। डॉ. प्रिया का कहना है कि परिवार के सहयोग के बिना यह सफर तय करना मुमकिन नहीं था।