जलाशय में बढ़ी पानी की आवक के चलते बढ़ाया गया डिस्चार्ज; बीबीएमबी ने हूटर-सायरन से सतर्क करने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की
पंडोह बांध में जलाशय की बढ़ती पानी की आवक को देखते हुए शुक्रवार सुबह ब्यास नदी में पानी का डिस्चार्ज बढ़ा दिया गया है। भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) ने आम लोगों, पर्यटकों और नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और ब्यास नदी के पास न जाने की अपील की है।
बीबीएमबी के अनुसार, शुक्रवार सुबह नौ बजे तक पंडोह बांध में 38,098 क्यूसेक पानी की आवक दर्ज की गई। इसके बाद स्पिलवे के माध्यम से 33,110 क्यूसेक पानी ब्यास नदी में छोड़ा जा रहा है।
जलाशय में बढ़ रही पानी की आवक
अधिकारियों ने बताया कि बांध के जलाशय में पानी की आवक लगातार बढ़ रही है। यदि पानी की मात्रा में और वृद्धि होती है तो स्पिलवे गेटों के माध्यम से अतिरिक्त पानी छोड़ा जा सकता है।
इस स्थिति में ब्यास नदी का जलस्तर और बढ़ने की संभावना है, जिससे नदी किनारे रहने वाले लोगों और पर्यटकों के लिए खतरा पैदा हो सकता है।
होटल और टैक्सी संचालकों से पर्यटकों को रोकने की अपील
बीबीएमबी प्रबंधन ने होटल संचालकों, गेस्ट हाउस, होमस्टे और कैंप संचालकों के साथ-साथ टैक्सी चालकों से भी अपील की है कि वे पर्यटकों को नदी किनारे जाने से रोकें।
प्रबंधन ने कहा कि पर्यटकों और आम लोगों को संभावित खतरे के प्रति जागरूक किया जाए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
हूटर और सायरन से किया जाएगा अलर्ट
बांध क्षेत्र में लोगों को सतर्क करने के लिए हूटर और सायरन बजाने की व्यवस्था की गई है। अधिकारियों ने बताया कि पानी छोड़े जाने के दौरान लोगों को लगातार सावधान किया जाएगा।
बीबीएमबी के अधिशासी अभियंता चंद्रमणी ने लोगों से अपील की है कि चेतावनी अवधि के दौरान ब्यास नदी के किनारे न जाएं और प्रशासन व बीबीएमबी की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
अचानक बढ़ सकता है नदी का जलस्तर
अधिकारियों ने बताया कि बांध से पानी छोड़े जाने के बाद नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि हो सकती है। ऐसे में नदी के आसपास जाना जोखिम भरा हो सकता है।
लोगों से अपील की गई है कि वे सुरक्षा को प्राथमिकता दें और किसी भी तरह की लापरवाही से बचें।
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